भोपा क्षेत्र की एक महिला ने फैसले के नाम पर कुछ लोगों पर बहला-फुसला कर जंगल में ले जाकर उसके पति से 80 हजार रुपये लूटकर हत्या करने का आरोप लगाया। सीमा विवाद में उलझी पुलिस की वजह से 24 घंटे बीत जाने के बाद भी शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। मामला सर्कस से भाग कर आई किशोरी के अपहरण से जुड़ा हुआ भी बताया जा रहा है।
थाने में महिला प्रमोद ने पुलिस को सौंपे शिकायती पत्र में अवगत कराया है कि उसका पति कर्मवीर बुधवार को थाना छपार थाना क्षेत्र के कस्बा बसेड़ा में किसी परिचित से 80 हजार रुपये लेकर घर लौट रहा था। कर्मवीर के घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। परिजन उसको तलाश करने निकल पड़े। बृहस्पतिवार की सुबह गांव से काफी दूर कर्मवीर बेहोशी की हालत में पड़ा मिला, तो परिजन उसे उठाकर जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने कर्मवीर को मृत घोषित कर दिया।
उसका शव मोर्चरी में रखवा दिया गया है। कर्मवीर की मौत की सूचना पर पुलिस गांव में पहुंची। परिजनों से पूछताछ कर घटनास्थल छपार थाने का बताया। मृतक की पत्नी पुलिस को तहरीर देकर बताया कि एक व्यक्ति ने अपनी गोद ली बेटी को भगाने का मुकदमा उसके बेटे रविन के विरुद्ध 21 जुलाई को दर्ज कराया था, जिसकी जांच पुलिस कर रही है। झूठे मुकदमे का भय दिखा कर वह फैसला करने के लिए दो लाख रुपये मांग रहा था। इस पर उसके पति कहीं से 80 हजार रुपये लाए।
इसका पता चलने पर आरोपी व्यक्ति कुछ अज्ञात लोगों को साथ लेकर बुधवार दोपहर उसके घर आया और यह कहकर कि आज फैसला निपटा लेंगे। उसके पति को साथ लेकर चला गया। पत्नी का आरोप है कि उन्हीं लोगों ने 80 हजार रुपये की नगदी लूटकर उसके पति की हत्या कर डाली। भोपा और थाना छपार पुलिस सीमा विवाद में उलझी हुई।
इसी कारण शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने बताया कि कुछ माह पूर्व एक किशोरी सर्कस से भागकर आ गई थी, जिसको नन्हेड़ी में एक व्यक्ति ने अपने पास रख लिया था जो गायब है। पुलिस उसकी बरामदगी का प्रयास कर रही है। कर्मवीर जहां पर बेहोशी की हालत में पड़ा मिला था। उस जगह का घटनास्थल छपार का है। मृतक परिवार से लोग छपार थाने में चले गए थे।