मुजफ्फरनगर। डीएम और एसएसपी ने रविवार को जेल में पूरी तैयारी के साथ छापा मारा। अचानक पहुंचे अफसरों को देख जेल में अफरातफरी मच गई। अधिकारियों ने डॉग स्क्वॉयड के साथ बैरकों का कोना-कोना छान मारा।
तलाशी में 22 मोबाइल फोन, 28 लाइटर, सिम कार्ड, नशीले पदार्थ, धारदार हथियार, रॉड आदि बड़ी संख्या में बरामद हुए। डीएम ने मामले की रिपोर्ट शासन को देने और आरोपी जेल कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।
पिछले कुछ दिनों से जेल से व्यापारियों से रंगदारी के लिए धमकी भरी कॉल आ रही थी। रंगदारी पर 'अमर उजाला' की विशेष कवरेज देख अफसरों का ध्यान इस ओर गया। रविवार को डीएम निखिल चंद्र शुक्ला और एसएसपी केबी सिंह दोपहर अचानक पुलिस फोर्स के साथ जिला कारागार पहुंचे।
अधिकारियों और फोर्स को देख जेल में अफरातफरी मच गई। दोपहर एक बजे से शुरू हुआ तलाशी अभियान शाम छह बजे तक चला। इस दौरान एसपी सिटी संतोष मिश्रा ने कारागार की प्रत्येक बैरक को बारीकी से चेक किया। साथ लाए गए डॉग स्क्वॉयड से बैरकों के सामान आदि को सुंघाया गया। बैरकों में बंदियों के कपड़े, सामान, बिस्तर आदि चेक किए गए। पुलिस को चेकिंग के दौरान जेल के भीतर से 22 मोबाइल, दर्जनभर सिमकार्ड, 28 लाइटर, दो चार्जर, दो चिमटे, दो कट्टन, आधा किलो चरस, एक खुखरी और लोहे की रॉड मिले हैं।
बड़ी तादाद में प्रतिबंधित सामान मिलने पर अफसर हैरान रह गए। जेल में पैसे के बल पर बंदियों को तमाम सुविधाएं मुहैय्या कराई जा रही थीं। डीएम ने कहा कि जेल में प्रतिबंधित सामान मिलने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। शासन को इस मामले की रिपोर्ट भेजी जा रही है। आरोपी जेल कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।