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मां, मुझे मरने के लिए क्यों छोड़ दिया

Tue, 19 Dec 2017 12:25 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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child matter - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। कहा जाता है कि महिला के लिए दुनिया में सबसे बड़ा पुण्य है मां बनना, लेकिन वही जननी कुमाता हो जाए तो क्या कहेंगे। भोपा के गांव पटौली में यही हुआ है। पल-पल कर 72 घंटे बीतने के बाद भी नवजात की मां का अता-पता नहीं लग सका है। उसे गोद मिल गई, लेकिन मां के दूध को तरसता मासूम शायद यही कह रहा होगा, मां..तुम्हें ऊपरवाला माफ नहीं करेगा।
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अब नवजात के भविष्य का फैसला सीडब्ल्यूसी करेगी। इसके लिए सीडब्ल्यूसी ने एसएसपी के साथ भोपा थानाध्यक्ष को पत्र भेजकर नवजात को पेश किए जाने का आग्रह किया है। शुक्रवार शाम भोपा के गांव पटौली में नाले में नवजात पड़ा मिला था। तीन दिन में नवजात ने दो दहलीज बदल ली, लेकिन उसकी असल मां अभी तक सामने नहीं आ सकी है। फिलहाल नवजात को पुरकाजी के गांव दुहेली निवासी हसनैन ने लिखापढ़ी के बाद अपने पास रखा है।

हसनैन के परिवार में बेटे की कमी थी, जो इस मासूम ने पूरी की है। मगर, वह कौन कुमाता है, जो नवजात को इस हाल में छोड़ गई है। नवजात को गोद तो मिल गई है, लेकिन वह मां के दूध को तरस रहा है। जुबान से मासूम मानो कुछ कहना चाहता है कि मां तुम कहां हो।
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मुझे मरने के लिए छोड़ दिया, ऊपरवाला तुम्हें माफ नहीं करेगा। उधर, मामले को लेकर चाइल्ड केयर समिति (सीडब्ल्यूसी) भी सक्रिय हो गई है। सीडब्ल्युसी की जिला कोआर्डिनेटर कमलेश ने एसएसपी अनंतदेव और भोपा थानाध्यक्ष विजय सिंह को पत्र भेजकर नवजात बच्चे को समिति के समक्ष पेश करने के लिए कहा है। कमलेश बताती हैं कि कानूनी प्रक्रिया अपनाए बिना बच्चे को किसी को भी नहीं दिया जा सकता है। मासूम बेटा है, इसकी जानकारी मिली है। समिति अपने स्तर से बच्चे को मेडिकल परीक्षण कराने के साथ बालाश्रम में रखा जाएगा।
वहीं, सीडब्ल्युसी की कोआर्डिनेटर कमलेश ने बताया कि उनकी कोशिश पहले मासूम की मां को ढूंढना होगी। यदि ऐसा संभव नहीं होता है तो उसे बालाश्रम में रखा जाएगा, जहां दो माह तक उसकी मां का इंतजार किया जाएगा।
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