जानसठ के मोहल्ला हुसैनपुरा निवासी युवक के सिर पर इस कदर खून सवार था कि वह पत्थर लेकर मां की छाती पर चढ़ बैठा और उसके सिर में तब तक प्रहार करता रहा था, जब कि उसकी सांस नहीं थम गई। मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने उसे बुधवार को कोर्ट में पेश किया और जेल भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक दीपक मां कविता के बुलावे पर आने वाले गैर मर्दों को लेकर खफा था। मंगलवार को दिन में भी उसके घर एक व्यक्ति आया था, जिसका कविता के पति पप्पू और बेटे दीपक ने विरोध किया। उस समय तीनों में इस बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। गुस्साए दीपक ने मां के साथ मारपीट भी कर दी थी। आए दिन से झगडे़ से तंग आकर दीपक ने शाम को शराब पी और घर में जमकर हंगामा किया।
इसकी शिकायत करने कविता थाने पहुंची, पुलिस उसके घर पहुुंची और दीपक को समझाकर लौट गई। पुलिस के जाते ही बेटे के सिर पर खून सवार हो गया और उसे मां की हत्या कर डाली। दीपक ईंट लेकर कविता की छाती पर बैठ गया और उसकी चीख बंद होने तक उसके सिर में प्रहार करता रहा। मां की सांस टूटने के बाद वह उसकी लाश के पास बैठ गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे शव के पास से ही गिरफ्तार किया था। थाने में मृतका के भाई शहर कोतवाली के मोहल्ला नियाजूपुरा निवासी ललित कुमार पुत्र इंद्रजीत ने भांजे के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने हत्यारोपी बेटे को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
मां की हरकतों से परेशान था, इसलिए मार डाला
दीपक का कहना था कि उसको मां की हत्या करने का बेहद पछतावा है। शराब के नशे में वह आपा खो बैठा और मां के खून से हाथ रंग लिए। उसका कहना था कि वह मां की हरकतों से तंग आ चुका था। पिता और वह दोनों ही घर में गैर मर्दों के आने का विरोध करते थे,
लेकिन मां हमेशा मनमर्जी करती थी। इस बात को लेकर घर में आए दिन विवाद होता रहता था। विरोध करने पर कई बार मां मेरे पिता को भी पीट देती थी। अगर दीपक विरोध करता तो वह उसकी थाने में जाकर शिकायत कर देती थी और पुलिस से पिटवाती थी।