मुजफ्फरनगर। जिला कारागार मेें मिलाई के लिए आए युवक से चेकिंग के दौरान दो कारतूस मिलने पर वहां हड़कंप मच गया। जेल के सिपाहियों और पीएसी ने उसकी तलाशी ली। जेल अधीक्षक ने आरोपी को पकड़कर नईमंडी पुलिस को सौंप दिया। पुलिस उससे पूछताछ करने में जुटी है।
जेल के बाहर बृहस्पतिवार दोपहर बंदियों की मिलाई का काम चल रहा था। कारागार के भीतर बैरक नंबर सात के बंदी सुरेश पुत्र कलीराम की मिलाई के लिए शाहपुर थाना क्षेत्र का रसूलपुर निवासी अक्षय पुत्र राजीव पहुंचा। गेट के बाहर सिपाही उसकी तलाशी लेने लगे तो उसकी जेब से 315 बोर के दो कारतूस मिले।
जेब से कारतूस मिलने पर तलाशी लेने वाले सिपाही ने शोर मचा दिया। वहां मौजूद अन्य सिपाहियों और पीएसी ने तमंचा होने की आशंका में आरोपी को दबोच लिया और उसकी दोबारा से तलाशी ली। आरोपी का कहना था कि उसकी गांव में रंजिश चल रही है, जिसके चलते वह अपने पास हथियार रखता है। पैंट नहीं बदल पाने के चलते गलती से उसकी जेब में कारतूस आ गया।
वहीं, मामले का पता चलने पर जेल अधीक्षक ने नईमंडी कोतवाली पुलिस को बुलवाकर आरोपी को उन्हें सौंप दिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी हुई है।
हमला करने के आरोपी हैं जेल में
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार के बाहर चेकिंग के दौरान दो कारतूसों के साथ पकड़े गए आरोपी अक्षय की गांव में दूसरे पक्ष से रंजिश चल रही है। एक साल पहले कूडी का खाद निकालने के दौरान गांव के ही एक परिवार ने इसके ऊपर हमला बोल दिया था। पीछा कर आरोपियों ने घर में घुसकर इसके ऊपर फायर खोल दिया था।
गोली हाथ में लगने से उस समय अक्षय बाल-बाल बच गया था। पीड़ित की ओर से गांव के ही एक ही परिवार के कल्लू उर्फ सागर इसके चाचा भूपेंद्र, दादा शोभाराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच में कल्लू का नाम निकाल दिया था, जबकि भूपेंद्र और शोभाराम को जेल भेज दिया था।
बाद में कल्लू को भी लूट के एक मामले पुलिस ने जेल भेज दिया था। शोभाराम कुछ दिन पहले ही जेल से छूटकर गांव में आया है। बाकी दोनों आरोपी कारागार में ही बंद हैं। ऐसे में अक्षय कारतूस लेकर जेल में घुसने की तैयारी में था, लेकिन पकड़ा गया। सवाल उठता है कि जेल में किसी तरह के हमले की तैयारी तो नहीं थी। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी हुई है।