मुजफ्फरनगर के मोरना में केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने गंगा घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान घाट पर गंदगी देखकर मंत्री ने नाराजगी जताई। चेतावनी दी कि सुधर जाओ अन्यथा समिति का पुनर्गठन किया जाएगा। वहीं, उत्तराखंड गंगा खादर क्षेत्र पहुंचने पर भाजपा नेता कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने मंत्री का स्वागत करते हुए सहयोग की बात कही।
शुक्रताल में गंगा की मुख्य धारा लाने के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। उन्होंने शुक्रताल गंगा खादर और उत्तराखंड क्षेत्र का ट्रैक्टर-ट्रॉली से दौरा किया। इसी बीच दर्जनभर ग्रामों के ग्रामीणों ने मंत्री के इस प्रयास का विरोध किया। क्षेत्र में बाढ़ की संभावनाएं और पर्यावरण को नुकसान होने की बात कही। मंत्री ने पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में विकास पर चर्चा की। शुक्रताल में बह रही सोलानी नदी में गंगा के कुछ स्रोत मिले हुए हैं, जो नदी द्वारा लाए गए डेल्टा से बंद हो जाते हैं। ये प्राकृतिक स्रोत अक्सर अपना रास्ता बदल लेते हैं। जिस कारण शुक्रताल में नदी का जल स्तर बेहद कम हो जाता है। कम बहाव के कारण पीछे से आई गंदगी किनारों पर फैली रहती है। शुक्रताल गंगा घाट पर फैली गंदगी और कम जल स्तर के कारण स्नान करने आए श्रद्धालु परेशान रहते हैं।
शुक्रवार सवेरे शुक्रताल पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री ने गंगा घाट पर जाकर गंगा जल का आचमन करते हुए गंगा मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत मंत्री उत्तराखंड क्षेत्र के ग्राम चंदपुरी पहुंचे। इंजीनियरिंग इंडिया की ओर से नमामि गंगे प्रोजेक्ट की देखरेख कर रहे इंचार्ज एसटी इख्तियार अली, शशांक की टीम ने रुड़की, लक्सर से गंगा में गंदा पानी डालने वाले स्थानों पर इको पार्क विकसित कर साफ पानी गंगा में डालने तथा बालावाली से गंगा का पानी पक्के नाले द्वारा शुक्रताल लाए जाने और पानी के बहाव को नियंत्रित कर किसानों की फसलों आदि की सुरक्षा को लेकर गहनता से विचार विमर्श किया। मंत्री ने बताया कि कार्य दो से तीन माह में पूरा हो जाएगा। जिस पर 60 करोड़ से अधिक की लागत आएगी। मौके पर एसडीएम जानसठ उमेश चंद मिश्रा, एसडीएम लक्सर कौस्तुभ मिश्रा ने मंत्री के साथ पर्यावरण को लेकर वन विभाग की टीम डीएफओ सूरजसिंह, रेंजर एसएस पुंडीर आदि से चर्चा की।
ग्रामीण बोले, क्षेत्र में बाढ़ आ जाएगी।
खादर क्षेत्र के ग्राम मजलिसपुर तौफीर, खैरनगर, दल्लावाला, सिताबपुरी, चंदपुरी, माडाबेला आदि गांवों के गजेसिंह, डॉ. बुद्धराम, प्रधान सुबोध कुमार, डॉ. भीमदत्त, बिजेंद्र, आदि ने कहा कि गंगा की धारा शुक्रताल की ओर आने पर उनके क्षेत्र में बाढ़ आ जाएगी। जिससे उनकी फसलें तबाह होंगी। इस मौके पर सदर ब्लॉक प्रमुख अमित चौधरी, डॉ वीरपाल निर्वाल, अमित राठी, हरीश राठी उर्फ बब्बू, रामकुमार शर्मा, मदनपाल एडवोकेट, राजीव चेयरमैन, विनोद शर्मा, इंद्रपाल राणा, नीटू सहरावत, छोटन, डा. महकार सिंह, स्वामी गोपालाचार्य महाराज, वैद्य जगपाल, राजेंद्र महाराज आदि उपस्थित रहे।