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मेरठ-दिल्ली तक जुड़े हैं हवाला कारोबार के तार, सोना लेकर सप्लायरों को दी जाती थी मोटी रकम

Fri, 09 Feb 2018 11:35 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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आरोपी सराफ की बंद पड़ी दुकान। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खाड़ी देशों में बैठे आतंकियों के आकाओं को भी जिले से फंडिंग हुई है। हवाला कारोबार के जरिये आतंकियों तक यह रकम पहुंचाई गई। हवाला कारोबार के तार मेरठ, देवबंद, (सहारनपुर) हरिद्वार-रुड़की के साथ दिल्ली तक जुड़े पाए गए हैं। सराफा कारोबारी सोने के लालच में मोटी रकम सप्लायरों तक पहुंचाते थे। हालांकि यह पैसा कई राज्यों से घूमकर आतंकियों तक पहुंचता था। जल्द अमीर बनने के ख्वाब ने जनपद के दोनों सराफ कारोबारियों को दलदल में धकेल दिया।
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शहर का आदिश कुमार जैन प्राइवेट नौकरी किया करता था, जबकि पिता दूध कारोबारी थे। परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए आदिश ने कुछ साल पहले नौकरी छोड़कर चांदी के लेनदेन का कारोबार शुरू किया। धीरे-धीरे मुनाफा बढ़ा तो सोने के कारोबार से भी जुड़ गया। इसके बाद उसने करेंसी बदलने के काम में हाथ डाल दिया।

दिल्ली और मेरठ से कच्चा सोना लाकर सराफा बाजार के साथ अन्य को सप्लाई किए जाने लगा। अधिकांश सोना मेरठ से खरीदा जाता था। करेंसी बदलने के काम के कारण उसका संपर्क खाड़ी देशों में बढ़ गया और यहीं से हवाला कारोबार की लत लग गई। इसी तरह अंकित गर्ग भी दिल्ली में एक कंपनी में नौकरी करता था। रोजाना दिल्ली-आता था। अंकित गर्ग का संपर्क भी दिल्ली में सोना कारोबारियों से हुआ तो उसने भी हवाला संचालकों से संपर्क साध लिया। 
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इसके अलावा भी शहर के बागोवाली, रथेड़ी आदि स्थानों से खाड़ी देशों में गए लोगों के साथ मिलकर हवाला कारोबार किया। इसके बाद दोनों सराफ करेंसी बदलने और सोने के जरिए हवाला कारोबार करते रहे। दोनों दिल्ली, मेरठ से सोना लाकर बेचते थे, जो मोटी रकम देकर लिया जाता था। दिल्ली, मेरठ के कारोबारियों से मोटी रकम देकर सोना खरीदा जाता था। जल्द अमीर बनने के लालच ने दोनों को गलत राह पकड़ा दी। सराफा कारोबार से हवाला संचालकों से जुड़ गए। जिसके चलते जिले से भी लश्कर ए तैयबा को आतंकी फंडिंग की गई।

हालांकि यह खेल बड़े पैमाने पर कई जनपदों के लोगों से मिलकर खेला जा रहा था। हवाला कारोबार के तार दिल्ली, मेरठ, देवबंद (सहारनपुर), रुड़की-हरिद्वार तक जुड़े हैं। एनआईए की गिरफ्त में आए बिहार के गोपालगंज निवासी महफूज आलम ने इस पूरे खेल से पर्दा हटाया है।

हवाला की यह रकम खाड़ी देशों में बैठे आतंकी आकाओं, लश्कर ए तैयबा के कारिंदों तक पहुंचाने के लिए कई राज्यों में नेटवर्क फैला है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, बिहार और यूपी के सराफा के साथ अन्य लोगों के भी जुड़े होने की आशंका है। दोनों सराफ की गिरफ्तारी से स्थानीय स्तर पर भी सराफा बाजार में हलचल है। सराफा कारोबारियों में अफरातफरी का माहौल है। सूत्रों के अनुसार एनआईए ने भी जनपद के साथ ही आसपास के जिलों को भी रडार पर रखा है। 

जिले में पकड़ी गई थी विदेशी महिला 
आदिश के हवाला कारोबार से कनेक्शन जुड़े होने के पीछे तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लगभग पांच साल पहले आदिश जैन सराफ की दुकान पर विदेशी महिला पकड़ी गई थी। यह महिला थाईलैंड की मिशेल नामक बताई गई थी। जिसकी पुलिस ने जांच की थी तो उसके कब्जे से थाईलैंड की करेंसी मिली थी। चर्चा है कि यह महिला आदिश के साथ मिलकर हवाला कारोबार करती थी। 

कारोबारियों की दुकान पर ताले 
सराफ कारोबारी अंकित गर्ग और दिनेश जैन उर्फ आदिश कुमार जैन की दुकानों पर गिरफ्तारी के बाद से ताले पड़े हैं। दुकानों से परिजनों के साथ नौकर भी गायब हो गए हैं। इसके अलावा घरों पर भी सन्नाटा पसरा है।
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