घासीपुरा में एक घर में मारे गए बदमाशों ने कहां-कहां वारदातें की, यह भी खोजबीन शुरू हो गई है। पुलिस को काफी दिनों से बाइक सवार तीन बदमाशों की तलाश थी। जिन्होंने लूट की कई वारदातों को अंजाम दिया था, पुलिस यह जांच कर रही है कि हाल में घटी घटनाओं से इनका कोई कनेक्शन तो नहीं है।
पुलिस की जांच में कई वारदातों का खुलासा होने की संभावना बढ़ गई है। शामली, बागपत और मुजफ्फरनगर के कई थानों के रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं। पिछले छह माह में जहां-जहां बाइकर्स द्वारा लूट की वारदातें अंजाम दी गई हैं, वहां से इनके हुलिए की पहचान की कोशिशें शुरू कर दी गई हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान शहर में आर्य समाज रोड पर बाइक सवार बदमाशों ने सर्राफ से 20 की लूट की गई थी। आज तक पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर पाई है।
अगस्त माह में बामनहेरी पुल के पास बिजली कारोबारी से तीन लाख रुपये की लूट में बाइक सवार तीन बदमाशों के होने की जानकारी पुलिस को मिली थी। इस मामले का भी अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव जौहरा में बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग की थी। नई मंडी कोतवाली के इलाके में बाइकर्स ने ही चेन स्नेचिंग और कुंडल लूटने की घटनाओं को भी अंजाम दिया था। इस वारदात के बाद कई थानों के प्रभारी अपने इलाकों में घटी घटनाओं से बदमाशों का हुलिया और बरामद बाइक आदि की तहकीकात में जुटे हैं।
बड़ी वारदात की थी तैयारी
पुलिस अफसरों के मुताबिक बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। इसके लिए उन्होंने हाईवे से सटा सुनसान मकान किराए पर लिया, जिसमें आने-जाने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं होती थी। बाइक के सहारे यह युवक शामली और बागपत तक के इलाके में वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक लूटपाट, रंगदारी और अन्य संगीन वारदातों में इनकी भागीदारी थी। घर पर पुलिस को एक बाइक भी बरामद हुई है, वह किसके नाम दर्ज है, इसकी छानबीन हो रही है। युवकों की उम्र 30 से 35 साल के बीच है, जो पिछले कई सालों से जुर्म की दुनियां में हाथ आजमा रहे थे। गौरव और सचिन के खिलाफ शामली, चरथावल, बागपत और उत्तराखंड के मंगलौर थानों में मुकदमे दर्ज हैं।
बरामद मोबाइल खोलेंगे कई राज
घासीपुरा में मारे गए तीनों संदिग्धों के पास से पुलिस को तीन मोबाइल फोन मिले हैं। जिनमें दो सादे और एक एंड्रॉयड फोन है। घटना से कुछ देर पहले व्हाट्सअप पर एक बदमाश किसी से चैटिंग कर रहा था, जिसमें वह मोनू के जेल जाने की बात कह रहा था। पुलिस ने इसी आधार पर जेल में बंदियों से पूछताछ की है। यह मोनू बागपत निवासी बताया जा रहा है। पुलिस यह खंगालने में जुटी है कि बदमाश कहीं उसके गैंग से जुड़े तो नहीं थे।
जेल से पुलिस को सुराग मिला है कि मारे गए बदमाशों के साथी यहां बंद हैं। पिछले 20 घंटे से पुलिस तमाम लिखापढ़ी में जुटी है। पुलिस के रवैय्ये से नाराज गौरव मालेंडी के परिजनों ने उसे शव को लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि कई घंटों से शव लेने के लिए परिजन थाने में मौजूद हैं, लेकिन पुलिस शव को देने के बजाए अपने कामों में जुटी है। बाद में पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया।