शाहपुर के दिनकरपुर गांव में जल निकासी के मामूली विवाद में पड़ोसी की हत्या करने वाले एक व्यक्ति को कोर्ट ने आजीवन कारावास के साथ जुर्माने की सजा सुनाई है। 14 साल बाद बुधवार को कोर्ट का निर्णय आया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव दिनकरपुर निवासी धर्मपाल पुत्र ज्योति का पड़ोसी मेहंती के साथ पानी की निकासी को लेकर विवाद था। इसी विवाद में पांच मई 2002 को दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मेहंती पक्ष ने घर में घुसकर धर्मपाल की धारदार हथियारों से हत्या कर दी थी।
मृतक के तहेरे भाई सुरेश ने पड़ोसी मेहंती और उसके दो पुत्र सतेंद्र एवं सतीश के खिलाफ हत्या का मुकदमा शाहपुर थाने में दर्ज कराया था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृप्ता चौधरी की कोर्ट संख्या 8 में हुई, जिसमें जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता फिरोज अली ने कोर्ट मेें पांच गवाह और सबूूत पेश करते हुए दलील दी।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील, सुबूतों के साथ गवाहों के बयानों को मद्देनजर रखते हुए मुकदमे में सतीश को धर्मपाल की हत्या करने का दोषी करार देते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास के साथ पांच हजार रुपये का जुर्माना और धारा 452 के तहत तीन वर्ष कारावास के साथ 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान दो अभियुक्त सतेंद्र और उसके पिता मेहंती की मौत हो गई थी।