मुजफ्फरनगर। दबंगों के कब्जे से भाई की रिहाई न होने से आहत ग्रेजुएशन की छात्रा महिमा की खुदकुशी के बाद बृहस्पतिवार देर रात उसका भाई अक्षय अचानक घर लौट आया। महिमा के अंतिम संस्कार से पहले ही अपने बचाव के लिए दबंगों ने लिखित में सुलहनामा भी करा लिया। अंतिम संस्कार के दौरान भी आरोपी मौके पर जमे रहे और अंत्येष्टि के बाद मृतका के पिता को अपने साथ गाड़ी में ले गए। इस दौरान विश्वकर्मा समाज के लोगों ने जमकर विरोध भी किया।
नईमंडी कोतवाली के मोहल्ला अंकित विहार की छात्रा महिमा विश्वकर्मा ने दबंगों के कब्जे से भाई अक्षय की रिहाई नहीं होने पर बृहस्पतिवार दोपहर घर में ही छत के पंखे से लटक कर जान दे दी थी। मृतका की मां संजू देवी ने 14 फरवरी को एसएसपी और डीजीपी को प्रार्थना पत्र देकर गांव पचेंडा कलां निवासी दबंगों पर पति देव प्रकाश और बेटे अक्षय को अगवा कर बंधक बनाने का आरोप लगाया था। लखनऊ से जुड़ी लूट की वारदात के बाद सुर्खियों में आए मामले में आरोपियों ने पिता को नईमंडी कोतवाली पुलिस को सौंप दिया था।
संजू देवी के मुताबिक दबंगों का पीड़ित परिवार पर कैसे भी साढ़े चार लाख रुपये का इंतजाम करने का दबाव था। मां-बेटी को बेइज्जत करने की धमकी दी गई थी, जब कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो आहत बेटी महिमा ने खुदकुशी कर ली। पुलिस पूरे मामले में बैकफुट पर नजर आई। पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस सीधे बृहस्पतिवार देर रात शमशान घाट पहुंच गई। विश्वकर्मा समाज के लोगों ने विरोध जताया तो नई मंडी पुलिस शव को लेकर अंकित विहार पहुंची। वहां पहले से ही आरोपी दबंग अपने साथियों के साथ डेरा जमाए थे। मामले में दबाव बढ़ा तो रात के एक बजे बंधक बनाया गया भाई अक्षय घर लौट आया। शुक्रवार सुबह दाह संस्कार से पहले अंकित विहार में विश्वकर्मा समाज के लोगों की भीड़ जुट गई। भाजपा नेता संजय उर्फ बोनी धीमान ने दबंगों की मौजूदगी का विरोध जताया।
आरोपियों ने सुलहनामे के लिए पिता देवप्रकाश पर दबाव बनाया। लिखित में स्टांप पर मामले को रफा-दफा कराने का खेल खेला गया। नईमंडी के शमशान घाट पर भी आरोपी जमे रहे। अंत्येष्टि की क्रिया भाई अक्षय ने पूरी की। इसके बाद आरोपियों ने मृतका के पिता को अपनी गाड़ी में बैठाया तो विश्वकर्मा समाज के लोगों ने विरोध जताया, लेकिन आरोपी उसे अपने साथ ले गए। देव प्रकाश के पिता शामली निवासी रामस्वरुप जांगिड ने आरोप लगाया कि दबंगों ने उनके बेटे को डरा-धमका रखा है। पोता अक्षय भी भयभीत है। अक्षय ने भय की दास्तां बयां की।
उसने बताया कि लखनऊ में पिता से कंपनी की रकम लूट लिए जाने के बाद उनके परिवार का उत्पीड़न शुरू हुआ। लखनऊ के होटल में उसे बंधक बनाकर रखा गया। शमशान घाट पर शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल, बीजेपी जिलाध्यक्ष रुपेंद्र सैनी, जिला बार संघ अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, भाजपा नेता जगदीश पांचाल, सरदार बलविंदर सिंह, सेवाराम धीमान, शांता प्रकाश शास्त्री, नरेश विश्वकर्मा, जनार्दन विश्वकर्मा, शेरपाल पांचाल, मास्टर निर्मल सिंह, विजेंद्र धीमान, उमेश धीमान, सुरेंद्र, प्रदीप, अरुण, देशपाल पांचाल आदि मौजूद रहे।
उधर, देर शाम मृतक की मां की ओर से आरोपियों के खिलाफ मां-बेटी का उत्पीड़न करने और धमकाने की तहरीर दी गई है।