महिमा सुसाइड केस की जांच के लिए लखनऊ से आई फोरेंसिक टीम।
- फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर। महिमा सुसाइड केस में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। मामला हाईप्रोफाइल होने के चलते लखनऊ से फोरेंसिक टीम शुक्रवार को अंकित विहार में मृतका के घर पहुंची। आत्महत्या के हर बिंदु को जांचने के लिए टीम ने घटना का रिहर्सल किया। पंखे से मृतका की अंगुलियों के नमूने लिए और वीडियोग्राफी की।
दबंगों के कब्जे से भाई की रिहाई नहीं होने पर नईमंडी कोतवाली के अंकित विहार निवासी देव प्रकाश की पुत्री महिमा विश्वकर्मा ने 16 फरवरी को फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। नामजद आरोपियों की दबंगई के खिलाफ जनाक्रोश भड़का तो पुलिस जागी।
आत्महत्या के बाद एसएसपी ने मामले में न केवल मुकदमा दर्ज कराया, बल्कि मंडी कोतवाली से जांच क्राइम ब्रांच को दे दी। मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस कार्रवाई में तेजी आई। एसपी क्राइम आदित्य वर्मा तीन बार पीड़ित परिवार से मिल चुके हैं। शुक्रवार को लखनऊ से विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशक जी. खान के नेतृत्व में टीम अंकित विहार में मृतका के घर पहुंची। मां संजू देवी से धमकी के बाद महिमा की मनोदशा और बातों की जानकारी ली।
मकान के ऊपरी तल पर जिस कमरे में मृतका दो घंटे तक पूजा के बहाने बंद रही और आत्महत्या की, उन सभी बिंदुओं पर विशेषज्ञों ने जांच शुुरू की। पंखे पर केमिकल से मृतका की अंगुलियों के नमूने लिए गए। साड़ी से फंदा बनाते वक्त महिमा ने कैसे पंखे में गांठ लगाई। रखे गए स्टूल से पंखे की ऊंचाई नापी गई। फोरेंसिक टीम जांच के लिए स्टूल को अपने साथ लखनऊ ले गई। दीवार पर आत्महत्या से पहले लिखी गई महिमा की लाइन मेरे भाई अक्षय को वापस ला दो की हैंडराइटिंग की जांच के लिए उसकी लिखाई का रजिस्टर भी लिया गया। एसपी क्राइम के साथ आई फोरेंसिक टीम में गाजियाबाद से आए विशेषज्ञ भी शामिल रहे। जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति को घटनास्थल पर जाने नहीं दिया गया। वहां से टीम सीधे एसएसपी आवास पहुंची और कप्तान बबलू कुमार से महिमा सुसाइड केस की बारीकियों पर चर्चा की।
फोरेंसिक टीम ने मीडिया से दूरियां बनाए रखी। निदेशक जी खान के अलावा उप निदेशक सुधीर कुमार, डॉ. शफीक अहमद, देवराज सिंह आदि मौजूद रहे। लखनऊ में पिता देव प्रकाश और भाई अक्षय के साथ आरोपियों के चंगुल में रहे पुरकाजी के गांव मेघा शकरपुर निवासी अरुण गुर्जर के शनिवार को क्राइम ब्रांच बयान लेगी। उधर, अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी।