कैंडी दरियापुर के पूर्व ग्राम प्रधान ने बीवी की हत्या की पटकथा पहले से ही तैयार कर रखी थी। वह उसे इलाज के बहाने घर से बिजनौर के लिए लेकर निकला था। रास्ता भी जंगल का चुना, जबकि बिजनौर जाने के दूसरा रास्ता भी था। निजामपुर के जंगल में वारदात हुई।
हत्या उसने अकेले की या उसके साथ कोई और भी था, यह जानने के लिए पुलिस जुटी हुई है। बहरहाल, पूरे मामले के पीछे अवैध संबंधों की कहानी सामने आ रही है। पूर्व प्रधान के मेरठ की बीकॉम की एक छात्रा से अवैध संबंध बताए जा रहे हैं, जिसके लिए उसने अपनी पत्नी को रास्ते से हटा दिया।
ककरौली थाने के कैंडी दरियापुर के पूर्व प्रधान अरुण कुमार गांव में करीब 70 बीघा पुश्तैनी जमीन का मालिक है। घर में किसी चीज की कमी नहीं है। पत्नी बबली को पथरी की शिकायत थी। बिजनौर के एक हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा था। मंगलवार सुबह अरुण बबली को उपचार के बहाने बाइक पर लेकर चला। सीधे रास्ते के बजाय उसने जंगल का रास्ता चुना। निजामपुर के जंगल में पत्नी बबली की हत्या कर दी गई।
वारदात के बाद उसने लूटपाट होने और चेन लूटते समय पत्नी की गला घुटने से मौत होना बताया। यह बात पुलिस के गले नहीं उतरी। पुलिस को यह सवाल खटक रहा था कि बदमाशों ने हमला किया तो अरुण को खरोंच तक नहीं आई। हालांकि पूर्व प्रधान का झूठ ज्यादा देर नहीं टिक सका। मृतका के गले पर मिले निशान ने अरुण को शक के घेरे में ला दिया। मृतका के परिजन मौके पर पहुंचे तो उन्होंने अरुण का सारा काला चिट्ठा खोलकर रख दिया।
परिजनों के मुताबिक बबली की शादी 2008 में अरुण से हुई थी। दंपति के चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे नेमीशरण, अवंती और दो बेटियां शिवानी एवं डिंपल हैं। परिजनों ने बताया कि काफी समय से अरुण के संबंध मेरठ के एक गांव निवासी बीकॉम की एक छात्रा से चल रहे हैं। इसका पता चलने पर घर में क्लेश रहने लगा। आरोपी विरोध करने पर बबली को यातनाएं देने लगा। वह छात्रा से शादी करना चाहता था। बबली और उसके मायके वाले हर हाल में शादी को रुकवाने के लिए प्रयासरत थे। इसी दौरान छात्रा की शादी कहीं और 30 जून को होनी तय हो गई।
घटनास्थल पर मिले इंजेक्शन और डंडा
पत्नी की लूट के बाद हत्या की कहानी सुनाने पर पुलिस गहनता से मामले की जांच में जुट गई। पुलिस ने देखा कि मौके से सौ मीटर अंदर तक हस्तिनापुर अभ्यारण्य में घसीटे जाने के निशान थे। बीच रास्ते में मृतका की चप्पल, चुनरी और टूटी हुई चूड़ियां पड़ी थीं। बरामद चुनरी मृतका के गले में लिपटी हुई थी।
एक पेड़ के बराबर में बेहोश करने के इंजेक्शन और सिरिंज भी पड़ी मिली। सिरिंज के मुहाने पर ताजा खून लगा हुआ था। यह सब मिलने के बाद पूर्व प्रधान खुद ही पुलिस के शक के घेरे में आ गया। मौके पर मिली शीशी के बारे में चिकित्सकों ने बताया कि उसमें बेहोश करने की दवाई है।