गांव ढिंढ़ावली में हुए पुलिस पर हमले और सरकारी असलहा लूटने की वारदात में घायल एसएसआई केपी सिंह की ओर से 15 नामजद और तीन अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। पकड़े गए 12 आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस से लूटे गए पिस्टल बरामद किए। गिरफ्तार सभी आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। लूटी गई राइफल पुलिस ने घटना के कुछ देर बाद रविदास मंदिर में पड़ी धान की पुराल से ही बरामद कर ली थी।
थाने पर एसपी देहात विनीत भटनागर ने बताया कि एसएसआई केपी सिंह की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में गांव ढिंढ़ावली के बाबूराम, रामदास, रवित, गोतम, रवि, अरुण, प्रिंस, सहदेव, राजेन्द्र, प्रकाश, शिव कुमार, अमरपाल, मंगल, श्रीपाल, पुष्पेन्द्र और तीन अज्ञात के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने देर रात जिला अस्पताल से फर्जी मेडिकल कराने की फिराक में घूमते हुए बाबूराम,
रामदास, रवित, रवि, गौतम, अरुण, प्रिंस, सहदेव, राजेन्द्र, प्रकाश, शिवकुमार, अमरपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि तीन नामजद व तीन अज्ञात फरार चल रहे हैं। पुलिस ने पकड़े गए अभियुक्तों की निशानदेही पर देर रात गांव के रविदास मंदिर में खड़ी झाडिय़ों में से लूटी गई दोनों पिस्टल बरामद कर ली है। पुलिस घटना में कड़ी कार्रवाई करते हुए रासुका लगाने की भी तैयारी कर रही है। थाना प्रभारी सुभाष चंद राठौर ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध रासुका की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
लोहे की रॉड और सरियों से किया गया था हमला
शाहपुर। ढिंढावली में रविवार को पुलिस पार्टी पर लोहे की रॉड व सरियो से हमला किया गया था। जिसके एक एक वार से पुलिस कर्मी गम्भीर रूप से घायल होते चले गए। ज्यादा चोट एसएसआई कृष्णपाल सिंह और सिपाही आदेश को आयी। हालांकि होमगार्ड चंद्रपाल और गौतम राणा भी लहूलुहान थे।
रातभर मुजफ्फरनगर के सरकारी अस्पताल व प्राइवेट हॉस्पिटल में उपचार करने के बाद शाहपुर लौटे घटना के चश्मदीद होमगार्ड चन्द्रपाल व गौतम राणा ने बताया कि 20 से 25 लोगों की भीड़ ने पुलिस पर हमला किया। हमलावरों के हाथों में सरिये व लोहे की रॉड के साथ डंडे थे।
सबसे पहले सिपाही आदेश पर उसके बाद एसएसआई केपी सिंह और बाद में पुलिसकर्मियों की मदद करने के दौरान उन पर हमला किया। इस दौरान बीच बचाव में अगर गांव के लोग न आते तो एसएसआई व सिपाही के साथ कुछ भी हो सकता था
पुलिस के खिलाफ रिपोर्ट की तैयारी में थे हमलावर
शाहपुर। ढिंढावली में पुलिस पर हमला कर एक राइफल एवं दो पिस्टल लूटने की घटना को अंजाम देकर आरोपी फर्जी चोट बनाकर पुलिस पर गोली मारने का आरोप लगाने की तैयारी में थे। जिला चिकित्सालय में डॉक्टरी कराने को जा रहे थे।
घटना के अलर्ट हुई पुलिस ने आरोपियों के फोन सर्विलांस पर लिए और लोकेशन ट्रेस कर जिला चिकित्सालय पर आरोपियों को पकड़ लिया। गाड़ी का हुलिया पुलिस को गांव से तथा लोकेशन सर्विलांस से मिली तो एक साथ 12 लोग दबोच लिए गए। जिनकी निशानदेही पर देर रात पुलिस को लुटे गये पिस्टल गांव के ही रविदास मंदिर के पास झाड़ियों से बरामद किया गया। उससे पहले पुलिस ने निकट के गांव आदमपुर, उमरपुर, कपूरगढ़ एवं रिश्तेदारियों में दबिश दी गई।
पशुओं को भी चारा देने वाला कोई नहीं
शाहपुर। गांव ढिंढ़ावली में पुलिस पर किए गए हमले के बाद से फरार चल रहे आरोपियों के मकानों में बंधे पशुओं को चारा डालने वाला भी कोई नहीं है। नामजद के अलावा निकट सम्बन्धी परिवारिक लोग भी फरार हैं। घर पर कोई बच्चा तक नहीं है। हमलावरों के मकान के आसपास मौहल्ले में सन्नाटा छाया हुआ है।
ग्रामीण की ओर से भी मुकदमा दर्ज
शाहपुर। गांव ढिंढ़ावली में पुलिस पर हमले से पूर्व दलित बिरादरी के बाबूराम पक्ष ने दूसरे पक्ष के महावीर की पिटाई की थी, जिसकी सूचना पर पुलिस गांव में दोबारा पहुंची थी। महावीर पर हमले की घटना में उसके पुत्र करन सिंह ने बाबूराम, प्रिंस, रामदास, रवित, रवि, श्रीपाल, गौतम, अरूण, मंगल, सहदेव, राजेन्द्र, प्रकाश, शिवकुमार सहित 13 लोगों के विरुद्व मारपीट एवं जानलेवा हमले के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
मेरठ, गाजियाबाद में भर्ती हैं पुलिसकर्मी
शाहपुर। हमले में घायल एसएसआई केपी सिंह का मेरठ में उपचार किया जा रहा है, जबकि कांस्टेबल आदेश कुमार का गाजियाबाद में उपचार चल रहा है। हमले में घायल दो होमगार्ड चंद्रपाल एवं गौतम राणा को जिला चिकित्सालय के बाद ईवान अस्पताल में उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है। उधर, एसएसपी के आदेश पर एसपी देहात विनीत भटनागर रात तक शाहपुर में कैंप किए रहे।