फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बहू की हत्या में सास-ननद समेत पांच को उम्रकैद   

Thu, 04 Aug 2016 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
बहू की हत्यारोपी मां-बेटी को पकड़कर ले जाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
अदालत ने दहेज के लिए विवाहिता को जिंदा जलाकर मारने के मामले में पति, सास और ननद सहित पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दो साल पहले शाहपुर के गांव रसूलपुर जाटान में विवाहिता पिंकी की हत्या हुई थी। सजा सुनते ही गुनहगार दहाड़े मारकर रोने लगे। 
विज्ञापन


बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव वैली निवासी  मनोज कुमार पुत्र रामदास ने 14 अगस्त 2014 को  शाहपुर थाने पर मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट के अनुसार उसकी बहन पिंकी की  शादी 19 नवंबर 2012 को शिवकुमार पुत्र बीरा उर्फ हरबीरा निवासी रसूलपुर जाटान के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही  ससुराल वाले उसकी बहन को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे, तब वह अपनी बहन को  घर वैली ले आया था।

मगर गांव के कुछ जिम्मेदार लोगों के कहने पर पिंकी को 11 अगस्त 2014  को उसकी ससुराल भेज दिया था। इसके बाद 13 अगस्त 2014  को ससुराल वालों ने पिंकी के ऊपर मिट्टी तेल डालकर जला दिया। खबर मिलने पर वह रसूलपुर जाटान पहुंचा तो पिंकी गंभीर अवस्था में झुलसी हुई पड़ी थी। उसको जली हालत में मेरठ अस्पताल में भर्ती कराया, जहां मजिस्ट्रेट के समक्ष उसके बयान दर्ज कराए गए। हालत गंभीर होने के कारण उसे दिल्ली इलाज के लिए भेज दिया गया, जहां 4 सितंबर 2014 को उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन


मृतका के भाई ने पति शिवकुमार, ननद अंजू, ससुर बीरा उर्फ हरबीरा, सास हरबीरी और देवर टिंकू के खिलाफ दहेज हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश भारद्वाज की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से  सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता इनाम इलाही त्यागी ने कोर्ट में 11 गवाह और सुबूत पेश किए।

न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए पति शिवकुमार, ननद अंजू, ससुर  बीरा उर्फ हरबीरा, सास हरबीरी,  देवर टिंकू को हत्या का दोषी  करार देते हुए सभी को आजीवन कारावास के साथ पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा सुनाने के बाद पुलिस जैसे ही सभी को जेल ले जाने लगी, तभी महिलाएं दहाड़े मारकर रोने लगीं। महिला पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर जेल रवाना हो गई।  

मृत्यु पूर्व बयान बना सजा का आधार
झुलसी हुई पिंकी के मेरठ मेडिकल में मजिस्ट्रेट बयान हुए थे। मृत्यु पूर्व दिए गए बयान ही ससुराल वालों की सजा का आधार बना। इसके अलावा अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह और सुबूत भी अभियुक्तों को सजा दिलाने में अहम रहे। पिंकी की मौत के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाकी की जमानत हो गई थी, मगर पति शिवकुमार और ननद अंजू तभी से जेल में बंद हैं। 

घर में अब सिर्फ दो महिलाएं बची 
क्षेत्र के गांव रसूलपुर जाटान में वर्ष 2014 में हुए विवाहिता पिंकी हत्याकांड में पति, सास, ससुर, ननद व  देवर को कोर्ट से उम्र कैद की सजा होने से गांव में उनके घर पर  गम का माहौल है। घर में एक 15 वर्षीय लड़की छोटी और मृतका की विधवा ननद है। परिजनों का कहना है कि वह इंसाफ के लिए ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। 
 
रसूलपुर जाटान में 14 अगस्त 2014 को विवाहिता पिंकी की हुई  मौत में मृतका के भाई वैल्ली निवासी मनोज ने पति शिवकुमार, देवर टिंकू, सास हरबीरी, ससुर हरबीर व ननद अंजू को नामजद किया गया था। दो वर्ष  बाद मृतका के बयानों के आधार पर सभी पांचों को उम्र कैद की सजा हुई।  परिवार में बची मृतका की ननद 15 वर्षीय छोटी व विधवा सुनीता घर पर है। जब उनसे पूछताछ की गई तो दोनों ने रोते हुए कहा कि वे फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे।

छोटी बताती है कि उसकी जिस बहन अंजू को सजा हुई वह खुद उसे बचाने के लिए जल गई थी। परिवार के पांच लोगों को उम्रकैद की  सजा होने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों का घर पर तांता लग गया।  गांव के  कुलबीर आर्य, बेगराज, गंगाराम, जोगेन्द्र, पिल्लूराम आदि का कहना है कि  घटना के बाद से पूरा परिवार कर्ज में डूब गया है, इन्हें न्याय मिलना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें