अदालत ने दो वर्ष पूर्व मंसूरपुर के गांव पुरा में हुई पशु व्यापारी दिनेश की हत्या के मामले में उसके साथी कैलाश को आजीवन कारावास और 27 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि में से आधी मृतक के आश्रितों को देने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मंसूरपुर थाने पर पुरा निवासी मोहन प्रकाश उर्फ मोनू ने 22 जुलाई 2015 को गांव के ही कैलाश पुत्र सोहनवीर के खिलाफ अपने भाई दिनेश की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका दिव्यांग भाई दिनेश गांव के ही कैलाश के साथ के साझे में पशुओं का कारोबार करता था। काफी समय तक कारोबार करने के बावजूद कैलाश हिसाब नहीं कर रहा था।
घटना के रोज शाम को दिनेश ने जब कैलाश से अपने रुपये मांगे तो उसने गांव में ही दिनेश के सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने 31 जुलाई 2015 को कैलाश को हत्या में प्रयुक्त तमंचे समेत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तभी से वह जेल में है। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे प्रथम गौरव कुमार श्रीवास्तव की अदालत में हुई। एडीजीसी जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए सोमवार को दिनेश की हत्या में कैलाश को दोषी करार दिया था। सजा पर मंगलवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने हत्यारे कैलाश को धारा 302 में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना, छह-छह माह की सजा और दो-दो हजार रुपये जुर्माना तथा आर्म्स एक्ट की धारा में दो साल की सजा और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
हत्या की कोशिश करने वालों को सजा
मुजफ्फरनगर। कोर्ट ने हत्या का प्रयास करने वाले तीन लोगों को सात-सात वर्ष के कारावास और जुर्माना की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार शामली जिले के थाना कांधला के गांव नाला के संजीव कुमार ने शाहपुर थाने पर 19 मई 2011 को हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि कसेरवा निवासी उसके बहनोई अमरेश कुमार की शाहडब्बर निवासी राजबल ने हत्या करा दी थी।
वह उसका भाई पम्पोस विधवा बहन कविता के पास कसेरवा में रह रहे थे। घटना के दिन वह अपने भाई पम्पोस के साथ खेतों से लौट रहे थे। रास्ते मेें राजबल, सुधीर और आस मौहम्मद उर्फ टिड्ढा ने पम्पोस को गोली मारकर घायल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई एडीजे-4 रामसुख सिंह की कोर्ट में हुई।
एडीजीसी यशपाल सिंह ने छह गवाह कोर्ट में पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त राजबल, सुधीर और आस मौहम्मद उर्फ टिडढा को धारा 307 में सात-सात वर्ष का कारावास और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
दंगे के आरोपी का कोर्ट में सरेंडर
मुजफ्फरनगर। वर्ष 2013 में दंगे के दौरान हुए तिहरे हत्याकांड के एक आरोपी ब्रजबीर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। वह चार साल से वांछित चल रहा था। उस पर दस हजार रुपये का ईनाम घोषित था। आरोपी ब्रजबीर भौराकलां के गांव मोहम्मदपुर रायसिंह का निवासी है। कोर्ट ने उसे चार दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।