मंसूरपुर के गांव खेड़ीतगान में चोटियां कटने को लेकर दहशत है। महिलाएं घरों में कैद हो गई हैं। दहशत से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीण अपने मकानों के बाहर लाठी-डंडे लेकर पहरा देने के लिए मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों ने बचाव के लिए अपने मकानों के दरवाजों पर नीम की टहनी, नींबू और मिर्च बांधकर टांग दी हैं। चोटिया कटने की खबर पर पुलिस भी नजर रखे हुए है। पुलिस ने गांव पहुंचकर मामले की छानबीन की, लेकिन रहस्य से परदा नहीं उठ पाया है।
मंसूरपुर के गांव खेड़ी तगान में शुक्रवार को दो महिलाओं की चोटी कट गईं। ग्रामीणों ने बताया कि 55 वर्षीय कोलार देवी पत्नी रोहताश बृहस्पतिवार रात दस बजे अपने मकान के बाहर चारपाई बिछाकर बैठी थी। साथ में पड़ोस की तीन-चार महिलाएं भी बैठी थीं। कोलार देवी अचानक बेहोश होकर गिर गई।
महिलाओं ने अचेत पड़ी कोलार की चोटी कटी देखी तो वह डर गईं। कोलार की तबीयत अभी भी सही नहीं है। दूसरी घटना भी इसी गांव की है। 25 वर्षीय आरती पत्नी सोनू अपने घर में अकेली थी। उसको नींद आने पर चोटीं कटी मिली। गांव में इस घटना से दहशत बनी हुई है।
इस घटना को लेकर शनिवार को गांव में सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीण परिवार की महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। महिलाओं की हिफाजत के लिए घरों के बाहर लाठी-डंडे लेकर पहरा दिया जाने लगा है। डर के चलते सुबह लड़कियां अपने सिर पर चुनरी ओढ़कर स्कूल के लिए निकलीं।
चोटिया कटने की सूचना पर इंस्पेक्टर केपीएस चाहल पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। इंस्पेक्टर ने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने इंस्पेक्टर से गांव में रात के समय पुलिस का पहरा बैठाने की मांग की।
जूड़ा बांधने लगी महिलाएं
गांव खेड़ी तगान में हुई चोटियां कटने की घटनाओं के बाद अपने बाल खुले रखने वाली महिलाओं ने भी अब बालों का जूड़ा बांधना शुरू कर दिया है। महिलाओं को आशंका है कि जिन महिलाओं के बाल खुले रहते हैं, उनकी ही चोटिया कट रही हैं।
चोटियां कटने की अफवाह है। महिलाएं अंधविश्वास में आ गई हैं। इसके बावजूद जांच-पड़ताल की जा रही है। अगर कोई बाहरी व्यक्ति चोटियां काट रहा है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी -केपीएस चाहल, इंस्पेक्टर।
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गांव में दो महिलाओं की चोटी कटी है। चोटियां कटने के पीछे क्या राज है इसका पता नहीं लग पा रहा है। हम भी गांव वालों के साथ पहरेदारी करने में लगे हैं। -कमल त्यागी, प्रधान, खेड़ी तगान।