मुजफ्फरनगर। शहर के चौधरी छोटूराम इंटर कॉलेज में चल रही चकबंदी लेखपाल परीक्षा में एक अभ्यर्थी को कक्ष निरीक्षक ने ब्लूटूथ डिवाइस के जरिये नकल करते पकड़ लिया। सूचना से प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पहुंचकर आरोपी को पुलिस हिरासत में लेकर थाने भिजवाया। पुलिस प्रशासन आरोपी से पूछताछ कर मामले की जांच-पड़ताल में जुटा है। किसी बड़े गिरोह का नेटवर्क मिलने की आशंका है।
प्रदेश में रविवार को चकबंदी लेखपाल पद के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस परीक्षा में सहारनपुर के अभ्यर्थियों का सेंटर मुजफ्फरनगर में था। इसमें से एक सेंटर सरकुलर रोड के चौधरी छोटूराम इंटर कॉलेज में था। सुबह ग्यारह बजे परीक्षा शुरू हुई। परीक्षा के दौरान एक कक्ष में केंद्र प्रभारी एआर कोआपरेटिव प्रदीप कुमार ने सहारनपुर के सरसावा के सैदपुरा निवासी रोहित सैनी पुत्र सतीश कुमार को नकल करते दबोच लिया। आरोपी कान में ब्लूटूथ डिवाइस लगाकर नकल कर रहा था।
कक्ष निरीक्षक को डिवाइस से हल्की आवाज आने का अहसास हुआ। तलाशी लेने पर कान में लगा ब्लूटूथ पकड़ा गया। परीक्षा में नकल करने की जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर एडीएम एफ मनोज कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह, एसपी सिटी प्रदीप कुमार तुरंत स्कूल पहुंचे और आरोपी को गिरफ्तार कराकर थाना सिविल लाइन भिजवाया। थाने लाकर आरोपी रोहित सैनी से पूछताछ की गई।
रोहित ने बताया कि कई दिन पूर्व उसके पास सहारनपुर के गंगोह निवासी एक युवक ने उसे आठ लाख रुपयों में लेखपाल परीक्षा पास कराने का ठेका लिया था। पूरा भुगतान पास होने के बाद करने की बात तय हुई थी। उसी व्यक्ति ने एक ब्लूटूथ डिवाइस भी उसे दी। उसी डिवाइस के जरिये से वह प्रश्नपत्र हल कर रहा था। दूसरी तरफ से पेपर सॉल्व कर उत्तर बताए जा रहे थे। पकड़े जाने से पहले वह दस सवालों को हल कर चुका था।
तलाशी में उसकी कमर पर भी एक चिप लगी मिली है, उसकी भी जांच-पड़ताल कराई जा रही है। एसपी सिटी प्रदीप गुप्ता ने भी आरोपी अभ्यर्थी से सिविल लाइन थाने में पूछताछ की। पुलिस ने अभ्यर्थी को डिवाइस देने वाले का नाम अभी गोपनीय रखा है। उसकी तलाश में एक टीम सहारनपुर के गंगोह कसबे में भेजी गई है।
एसपी सिटी ने बताया कि जिस नंबर से आरोपी को प्रश्नपत्र हल कराया जा रहा था, वह स्विच ऑफ है। उस नंबर को ट्रेस किया जा रहा है। जल्दी ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। आरोपी के खिलाफ नकल अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।