मंसूरपुर के गांव सोंटा में नौ साल पहले हुई सात वर्षीया मासूम अन्नू की हत्या में अदालत ने मुल्जिम पिंकी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर तीन हजार रुपये का जुर्माना भी किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव सोंटा निवासी राजेंद्र सिंह की सात साल की बेटी अन्नू 22 जनवरी 2008 को घर के बाहर से खेलते समय लापता हो गई थी। पुलिस ने नौ दिन बाद गांव के ही पिंकी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर अन्नू का शव बरामद किया था। आरोपी पिंकी की पत्नी की राजेंद्र सिंह की पत्नी से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसी रंजिश में पिंकी ने उसकी मासूम बेटी अन्नू का अपहरण के बाद गला दबा कर हत्या कर शव को जंगल में छिपा दिया था।
पुलिस ने आरोपी को जेल भेजकर उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। यह मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में चला। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश राजेश भारद्वाज ने सोमवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपहरण और हत्या में अभियुक्त पिंकी को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने मंगलवार को हत्यारे पिंकी को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही तीन हजार रुपये का जुर्माना भी किया।