शहर के किदवईनगर में डॉ. मेहरबान अली की हत्या रुपयों के लेनदेन को लेकर हुई थी। शहर कोतवाली पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए मुख्य हत्यारोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के किदवईनगर में छह अप्रैल को डॉ. मेहरबान अली की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। उस दौरान चिकित्सक अपने क्लीनिक पर बैठा था, तभी हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। मृतक के पिता रोशन अली की ओर से अज्ञात में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
तभी से पुलिस हत्याकांड के खुलासेे में लगी थी। इस दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके आधार पर शुक्रवार को पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी किदवईनगर निवासी शहजाद उर्फ सुक्का पुत्र शमी को वहलना चौक के पास से गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस लाइंस के सभाकक्ष में पत्रकारों को हत्याकांड के खुलासे की जानकारी एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने दी।
बताया कि डॉ मेहरबान अली ब्यॉज पर रुपये देने का भी काम करता था। शहजाद ने उससे 40 हजार रुपये दस प्रतिशत ब्याज के हिसाब से लिए थे। पूछताछ में शहजाद ने बताया कि उसने 50 हजार रुपये लौटा भी दिए थे, मगर डॉक्टर 40 हजार रुपये की और मांग कर रहा था। डॉक्टर ने उसके साथ कई बार मारपीट भी की।
वारदात के दिन देर शाम को डॉक्टर ने उसे बुला कर 40 हजार रुपये की मांग। शहजाद ने बताया कि उसका मकान भी बिक चुका है, अब रुपये नहीं है। जिस पर डॉक्टर ने उसने साथ गाली गलौच करते हुए मारपीट की। मारपीट होने पर शहजाद गुस्से में घर गया और कुछ देर बाद तमंचा लेकर क्लीनिक पर पहुंचा। जहां बैठे चिकित्सक को गोली मार कर फरार हो गया। उधर, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने चिकित्सक को मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर के जरिए ही खरीदा था तमंचा
पुलिस की गिरफ्त में आए बतासे बनाने वाले शहजाद ने बताया कि कुछ माह पहले उसने डॉ. मेहरबान अली के माध्यम से ही तमंचा और कारतूस 2500 रुपये में खरीदा था। तब उसने सोचा नहीं था कि जो तमंचा डॉक्टर के माध्यम से खरीदा है, एक दिन उसे से उसकी हत्या कर दूंगा।
उसे डॉक्टर ने उस समय रुपये दिए थे, जब उसे उनकी जरूरत थी। कहा कि मुझे डॉक्टर की हत्या करने का अफसोस है। ऐसा नहीं करना चाहिए था, मगर डॉक्टर अक्सर मेरी पिटाई करता था, इसलिए गुस्से में आकर उसकी हत्या कर दी।