पुलिस को दो घटनाओं ने उलझा कर रख दिया है। अकबरगढ़ से गायब किसान सत्यप्रकाश की तलाश और आर्य समाज रोड पर सर्राफ से हुई 20 लाख की लूट ने पुलिस को पसीने ला दिए हैं। किसान यूनियन के धरने और सराफा व्यापारियों के प्रदर्शन के बाद भी पुलिस दोनों घटनाओं के खुलासे में विफल साबित हो रही है। पुलिस के दिग्गज अभी तक हवा में ही तीर चलाते नजर आ रहे हैं।
चरथावल के अकबरगढ़ निवासी किसान सत्यप्रकाश का 23 जुलाई को ट्रैक्टर सहित अपहरण हो गया था। किसान की बरामदगी को लेकर भाकियू ने पहले चरथावल-थानाभवन मार्ग पर जाम और बाद में तीन दिन पूर्व कचहरी में डीएम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया था। उधर, 30 जुलाई की रात शहर के सराफा व्यापारी आदिश जैन से आर्य समाज रोड पर बाइक सवार तीन बदमाश 20 लाख की नगदी और सोने के दो बैग लूटकर भाग गए थे।
इस घटना के खुलासे को लेकर बुधवार को सराफा व्यापारियों ने पुलिस ऑफिस पर प्रदर्शन किया था। दोनों ही घटनाएं पुलिस के लिए जी का जंजाल बन गई हैं। दबाव को देखते हुए कप्तान ने चरथावल और सिविल लाइन पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीम को भी घटनाओं के खुलासे में लगाया। तीन टीमों के एक साथ काम करने के बाद भी मामले जस के तस हैं।
लूट में पुलिस सीसीटीवी कैमरों से घटना के खुलासे में लगी है। मीनाक्षी चौक, महावीर चौक और प्रकाश चौक तक के सीसीटीवी खंगालने के बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को रेलवे स्टेशन और रोडवेज की फुटेज देखी। उधर, किसान सत्यप्रकाश के मामले में भी पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम के हाथ खाली हैं।