मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में बंदी के आत्महत्या के मामले को आईजी कारागार जीएल मीणा ने गंभीर माना है। डीआईजी की रिपोर्ट पर देर रात एक डिप्टी जेलर और एक बंदीरक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही दूसरे बंदीरक्षक के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है। आईजी की कार्रवाई से कारागार अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
जिला कारागार में 16 अगस्त की रात बैरक नंबर 13 बी में बंदी कैराना निवासी साजिद पुत्र उम्मेद अली ने बाथरूम में जाकर अपने गमछे से गले में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। हंगामे के डर से रात में ही डीएम और एसएसपी भारी फोर्स के साथ कारागार पहुंचे थे। सूचना पर मेरठ से डीआईजी कारागार वीके शेखर ने रात में ही जेल में पहुंचकर घटना की जानकारी ली थी। वीडियोग्राफी कराकर शव को नीचे उतरा गया था। बाद में पोस्टमार्टम कराने के बाद बंदी के शव को उसके परिजनों को सौंप दिया गया था। डीआईजी कारागार ने मामले की जांच कर कर्मचारियों की लापरवाही मानते हुए रिपोर्ट आईजी कारागार को भेजी।
आईजी कारागार जीएल मीणा ने डिप्टी जेलर नागेश्वर सिंह और बंदीरक्षक कन्हैया को सस्पेंड कर दिया है। एक अन्य बंदीरक्षक अनुज कुमार के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है। देर रात आदेश जेल पहुंचने की पुष्टि जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने की है।