मुजफ्फरनगर। खादर के जिंदावाला, सुहेली, दादोपुर, पांचली आदि गांवों के जंगलों में शराब की अवैध भट्ठियां वर्षों से चलती आ रही हैं। आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से माफिया भट्ठियां चला रहे हैं।
वर्ष 2012 में दादोपुर के पास शराब माफियाओं ने हमला कर आबकारी और पुलिस विभाग की आधा दर्जन गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी थी। कई सिपाहियों को चोटें आई थी। ऐसे तो सैकड़ों मामले हैं, जिनमें माफियाओं ने शिकायत करने वालों को पीट-पीट कर दौड़ाया। भट्ठियों से शराब निकालकर केन और छोटी-छोटी पन्नी में पेक किया जाता है।
रात को केन और पन्नी बाइकों और कारों में लादकर गांव दर गांव पहुंचाई जाती हैं। कम्हेड़ा और शेरपुर चौकी के सामने से शराब से लदे इन वाहनों को पुलिस नहीं रोकती। सबकुछ सेटिंग के चलते तय होता है। गांवों में शराब सब्जी, परचून, चाय आदि की दुकानों पर खुलेआम बिकती है। हादसा होने पर पुलिस और आबकारी विभाग दो चार दिन के लिए काम बंद करवे देते हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से पहले की तरह से शराब बिकने लगती है।