तमंचा फैक्ट्री के संबंध में जानकारी देते पुलिस अधिकारी।
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बुढ़ाना क्षेत्र के जौला गांव के जंगल में गन्ने के खेत में तिरपाल डालकर तमंचे बनाने की फैक्ट्री चलाई जा रही थी। पुलिस ने मौके से बने हुए 21 तमंचे, बंदूक और 50 अधबने तमंचे बरामद किए हैं। हथियार बनाने वाले चार बदमाश पुलिस से बचकर भाग निकले।
इंस्पेक्टर डीके त्यागी को जौला गांव के जंगल में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री की सूचना मिली। सोमवार रात पुलिस ने जौला गांव के जंगल को घेर लिया। कुरालसी गांव निवासी कलीराम के खेत को घेरकर पुलिस ने छापा मारा तो वहां तिरपाल डालकर अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री चलाई जा रही थी।
बिजली की अवैध लाइन खींचकर वेल्डिंग मशीन, ड्रील मशीन, अन्य बिजली के उपकरणों को मौके पर इकट्ठा किया गया था। पुलिस की भनक लगने पर चार युवक भाग निकले, जिनमें से दो को पुलिस ने पहचान लिया। पुलिस ने मौके से 18 तमंचे, तीन बंदूक, 50 अधबने तमंचे और बंदूक बरामद की हैं।
मौके से बड़ी मात्रा में हथियारों के पुर्जे बरामद हुए। इंस्पेक्टर डीके त्यागी, सीओ मोहन लाल ने बताया कि अवैध अस्लाह बनाने के कारखाने में काम करने वाले चार युवकों में से जौला गांव के रहने वाले दो युवक निसार व दिलशाद को पुलिस ने पहचान लिया है।
अन्य दो युवक पुलिस की पहचान में नही आ सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अवैध अस्लाह बनाने के कारखाने का मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पहचान में आने वाले दोनों युवकों की तलाश में पुलिस की दबिश जारी है। जल्दी ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।