जितेंद्र की हत्या के बाद विलाप करते परिजन।
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वजीराबाद के ईंट-भट्ठा मालिक जितेंद्र की हत्या ने पुलिस की पेशानी पर बल ला दिए हैं। पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है। अभी तक की जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ रही है। फिलहाल यह माना जा रहा है कि जितेंद्र की हत्या में कोई करीबी शामिल हो सकता है। पुलिस ने भट्ठे के मुनीम से भी लंबी पूछताछ की है।
वजीराबाद निवासी जितेंद्र अपने चार भाइयों के साथ रहते थे। पिता त्रिपाल सिंह की कुछ साल पहले मौत हो चुकी थी। जितेंद्र बेहद व्यवहार कुशल और मिलनसार था। उसकी हत्या से हर कोई हैरान है। परिवार के लोगों का कहना है कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है। पुलिस को पता चला है कि जितेंद्र को शराब पीने की आदत थी। वह रोजाना गांव से बाइक पर मोरना ठेके पर शराब पीने जाता था। वापस में वह गांव के पास ही अपने ईंट-भट्ठे पर सो जाया करता था। रविवार को भी वह 6-7 बजे के बीच गांव से बाइक लेकर निकला था।
भट्ठे पर उसके पास मुनीम प्रेम भी रहता था। पिछले कुछ दिनों से प्रेम बुखार के चलते भट्ठे पर नहीं आ रहा था। सोमवार को जितेंद्र के मर्डर की सूचना मिलने के बाद मुनीम गांव पहुंचा। जितेंद्र का शव भट्ठे के पास ही मिला है। शव के पास ही बीयर की बोतल भी मिली है। साथ ही मौके पर संघर्ष के निशान नजर नहीं आ रहे हैं। जितेंद्र को दो गोलियां मारी गई थीं।
मौका ए वारदात पर ऐसा लगा कि बिना किसी जोर-जबरदस्ती के घटना को अंजाम दिया गया है। कपड़ों पर किसी तरह के निशान नहीं हैं। पुलिस का मानना है कि वारदात में कोई परिचित शामिल हो सकता है। पुलिस जितेंद्र से मिलने-जुलने वालों के बारे में भी जानकारी एकत्र कर रही है। पुलिस ने भट्ठे के मुनीम से लंबी पूछताछ की है। पुलिस को कई लोगों के नाम मिले हैं, उनके बारे में तहकीकात की जा रही है।