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बवाल के दौरान जैमर को तोड़ने का था बंदियों का प्लान

Mon, 27 Jun 2016 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर जिला जेल। - फोटो : अमर उजाला
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जेल में कैदी चंद्रहास की हत्या के बाद हुए बवाल के दौरान कुछ बंदियों ने जैमर को तोड़ने का प्लान बना लिया था। समय रहते अधिकारियों को मामले की भनक लग गई। तुरंत ही बंदियों को बैरकों में ठूंस कर जैमरों को बचाया गया। 
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जिला कारागार में बृहस्पतिवार रात बंदियों के बीच हुए संघर्ष में कैदी चंद्रहास गंभीर घायल हो गया था, जिसकी बाद में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। जिस समय जेल में बवाल कट रहा था, उसी समय जैमर लगने से परेशान कुछ बंदियों ने मौके का फायदा उठाते हुए शासन द्वारा लगाए गए जैमरों को तोड़ने का फैसला कर लिया। 

बंदियों ने जैमर के एंटीना को निशाना बनाने के लिए ईंट और पत्थर तक इकट्ठा कर लिए थे। अचानक अधिकारियों को इसकी भनक लग गई। तभी जैमर तोडनें के प्रयास में संदेह के घेरे में आए सभी बंदियों को लाठियां फटकारकर बैरकों में ठूंसा तब जाकर जैमरों को बचाया जा सका। 
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पीपल के पेड़ की छंटाई का बंदी कर रहे हैं विरोध
जैमर की फ्रीक्वेंसी को सही करने के लिए कंपनी के तकनीशियनों ने एक बैरक के सामने आ रहे पीपल के पेड़ की छंटाई कराने का सुझाव दिया है। अधिकारियों ने पेड़ की छटाईं करानी चाही तो बंदियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। उन्होंने पीपल को धर्म से जोड़कर उसे नहीं कटवाने की बात कही।

फिलहाल पीपल की कटाई को रोक दिया गया है। जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि जैमर की फ्रीक्वेंसी को सही करने के लिए पीपल के पेड़ की छटाई और बैरक नंबर 18 के एंटीने को सही किया जाना है। उसके बाद जैमर पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा।

बंदियों और कर्मचारियों से की पूछताछ
जिला कारागार में कैदी की हत्या के मामले में डीआईजी कारागार वीके शेखर ने जेल में पहुंचकर बंदियों और कर्मचारियों के बयान लिए। डीआईजी ने घटना की एक वजह स्टाफ की कमी भी बताई। जेल अधीक्षक से शासन से फोर्स बढ़ाने की मांग करने के लिए कहा है।

जेल में शुक्रवार को कैदी चंद्रहास की हत्या के मामले की जांच के लिए डीआईजी कारागार वीके शेखर रविवार सुबह जिला कारागार पहुंचे। डीआईजी ने बैरक नंबर तीन और आठ को देखा। घटना वाली रात दोनों बैरकों में बंद रहे सभी बंदियों और कैदियों से पूछताछ की।

उनके बयान लिखित में दर्ज किए। उस दिन ड्यूटी पर तैनात रहे बंदी रक्षकों और जेल के अन्य कर्मचारियों के भी बयान लिए। सभी ने घटना से संबधित हर बात को डीआईजी के सामने रखा। 

डीआईजी ने जेल हो रही घटनाओं को लेकर जेल में कम फोर्स को भी एक वजह बताया है। डीआईजी ने जेल अधीक्षक राकेश सिंह से कहा कि वह स्टाफ और फोर्स बढ़वाने के लिए शासन को पत्र लिखें। डीआईजी ने कहा कि जो दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही में किसी को नहीं बख्शा जाएगा। 

कार्रवाई को लेकर स्टाफ में है बेचैनी
जिला कारागार में कैदी चंद्रहास की हत्या के मामले में जेलर सहित करीब आधा दर्जन कर्मचारियों पर कार्रवाई की गाज लखनऊ से गिर चुकी है। रविवार होने के चलते लखनऊ से आदेश की मेल नहीं आ पाई। जब तक मेल नहीं आती, तब तक सभी को लग रहा है कि वह सुरक्षित हैं। ऐसे में जेल के स्टाफ में बेचैनी के हालात है। सभी अपने सुराग से लखनऊ तक तार जोड़े बैठे हैं। सोमवार को मेल आने की संभावना हैं।
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