मौहम्मद आरिफ जौला के अपहरण के बाद मेरठ-करनाल हाईवे पर जाम लगाने वाले ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस ने 28 लोगों को नामजद करते हुए 250 अज्ञात के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव जौला निवासी बसपा प्रत्याशी आरिफ मंगलवार को मेरठ के कंकरखेड़ा से अचानक लापता हो गए थे। घटना के समय वे दिल्ली से वाया मेरठ अपने गांव जौला आ रहे थे। आरिफ के कथित अपहरण की सूचना पर जौला गांव के दर्जनों ग्रामीण मेरठ पहुंचे थे।
अपहरण की घटना से क्षुब्ध जौला के कई सौ ग्रामीणों ने घटना के दिन देर रात के समय मेरठ-करनाल हाईवे की गढ़ी सखावत पुलिस चौकी पर जाम लगाया था। घटना के पांच दिन बाद मौ.आरिफ नाटकीय तरीके से वापस लौट आए। पुलिस का कहना है कि आरिफ ने अपने अपहरण की झूठी कहानी रची थी। उनके परिजनों व समर्थकों ने हाईवे पर जाम लगाकर मार्ग अवरुद्ध किया।
सरकारी कार्य में बाधा डाली। पुलिस ने हाईवे पर मार्ग अवरुद्ध करने वाले 28 जौला के ग्रामीण शाहिद, आदिल, इरशाद, साजिद, शमशाद, रुहला, महबूब लतीफ, दिलशाद, मेहंदी, वलीबू, जमरुद, इसरार, फरमान, इकबाल, ताजिम, इकबाल पुत्र दीसू, मुस्तकीम, जमरुद्दीन, सलीम, तरीकत, अनवार, हारुन, अलीम, इस्तकार, जाबिर, इकबाल, मन्नू आदि को नामजद करते हुए तथा 250 अज्ञात के विरुद्ध पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया है। उधर, सीओ एसपी शर्मा ने बताया कि जाम लगाने के लिए उकसाने वालों को भी चिह्नित किया जा रहा है। सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी