छपार पुलिस पर आरोप है कि उसने छेड़छाड़ से पीड़ित छात्रा के पिता को ही जेल भेज दिया। उसका कसूर इतना था कि उसने छेड़खानी का विरोध करते हुए आरोपी युवक के घर जाकर शिकायत की थी। इस घटना को लेकर भाकियू ने थाने में जमकर हंगामा किया। थानेदार के आरोपियों पर कार्रवाई के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
गांव निवासी कक्षा नौ की छात्रा से गांव का ही एक युवक अक्सर छेड़खानी व अश्लील हरकतें करता रहता था। 29 मई को छात्रा के घर से घेर में जाते समय युवक ने छात्रा को अकेली पाकर बदनीयती से छात्रा को घर में खींचने का प्रयास किया।
छात्रा के शोर मचाने पर आसपास के लोगों को आता देखकर युवक फरार हो गया, जिसकी शिकायत लेकर छात्रा का पिता युवक के घर पहुंचा तो उन्होंने छात्रा पर ही फोन करने का आरोप लगाते हुए पिता-पुत्रों ने अन्य परिजनों के साथ मिलकर गाली-गलौज करते हुए साथ मारपीट की।
आरोपियों ने झूठा मामला दर्ज कराकर पीड़ित को ही जेल भेजवा दिया। बुधवार को भाकियू के मोरना ब्लॉक के भाकियू युवा अध्यक्ष नवीन चौधरी के नेतृत्व में एकत्र दर्जनों कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर छेड़खानी के शिकार छात्रा के पिता को झूठे मामले में जेल भेजने का आरोप लगाते हुए थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया।
कोतवाली निरीक्षक सुभाष चंद्र राठौर ने पीड़िता के पिता से छेड़खानी करने वालों के विरुद्ध तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज कराने का आश्वासन दिया । मुख्य रूप से नरेश पाल, इकबाल आर्य, वेदपाल सिंह, बोबी सहरावत, सचिन सहरावत, जगत सिंह, अंकित सहरावत, ओमपाल सिंह, जसपाल सिंह, बीरसिंह, कनक सिंह, दीपक कुमार, कपिल आदि मौजूद रहे।