आईएस से जुड़ी वीडियो को लेकर खुफिया विभाग सतर्क हो गया है। हालांकि अधिकारी वीडियो को लेकर अभी कुछ कहने की स्थिति में नहीं है। इसी सप्ताह प्रधानमंत्री की सहारनपुर में होने वाली रैली को लेकर भी खुफिया विभाग पहले से ही सतर्क है।
खुफिया विभाग के अधिकारी इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) से जुड़े वीडियो के वायरल होने की चर्चा के बीच अफसर इस प्रकरण पर मौन तो मगर खुफिया तंत्र अलर्ट है। अधिकारियों की माने तो वीडियो झूठा भी हो सकता है।
मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर पहले भी कई आतंकवादी जिले को अपना टारगेट बता चुके है। लेकिन दंगेे के बाद खुफिया विभाग ने जितनी बार भी दंगा प्रभावित क्षेत्र पर भी अपना जाल फैलाया। वहां से किसी का कोई संपर्क आतंकवादियों से नहीं निकल पाया। दंगे के बाद से कुछ युवक जरूर बाहर आसाम, महाराष्ट्र, कर्नाटक आदि दूसरे प्रदेशों में काम की तलाश में गए हुए हैं।
खुफिया तंत्र टेलीफोन आदि के माध्यम से उनकी लोकेशन ट्रेस करता रहता है। उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखी जाती हैं। लेकिन फिर भी दंगे के बाद से आतंकवाद को लेकर जिले का कोई संपर्क अभी तक नहीं निकला है।
इसी सप्ताह सहारनपुर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली को लेकर खुफिया विभाग पहले से ही बहुत सर्तक है। चर्चा है कि एक विडियो वायरल हुआ है, जिसमें मुजफ्फरनगर दंगे का बदला लेने की बात कही गई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि उन्हें ऐसी वीडियो की कोई जानकारी नहीं है।