सपा नेता के भाई ने ककरौली थाने के दरोगा को फोन कर मारने की धमकी दे डाली। दरोगा ने आवाज रिकार्ड कर ली। आरोपी के खिलाफ थाने में तस्करा डाल दिया गया है। मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है। आला अधिकारियों को धमकी भरे फोन की रिकार्डिंग भेजी गई है। सपा नेता के भाई के फंसने पर सियासी हलचल तेज गई है।
तेवड़ा गांव के पूर्व प्रधान आलम उर्फ लाला की वर्ष 2013 में हत्या कर दी गई थी। मृतक के चाचा शाबिर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें गांव के रहने वाले सपा नेता एवं पूर्व नगर अध्यक्ष मेराजुद्दीन तेवड़ा और उसके भाई शमीम समेत नईम पुत्र यूसुफ, कमरुद्दीन जुबैर पुत्र सुलेमान, भुरा पुत्र उस्मान, रफी पुत्र मोहब्बत को नामजद किया गया था।
केस में कोर्ट के वारंट पर मेहराजुद्दीन को जेल जाना पड़ा। सपा नेता फिलहाल जेल में है। केस को लेकर दोनों पक्षों में रंजिश चल रही है। तनातनी के बीच कई बार मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। ककरौली थानाध्यक्ष पंकज त्यागी ने बताया कि शुक्रवार सुबह थाने के एसआई नवीन सैनी हत्यारोपी जुबेर को गांव में दबिश देकर गिरफ्तार कर थाने ले आए। इसके बाद कानूनी कार्रवाई की गई।
अगले दिन सपा नेता मेराजुद्दीन के भाई शमीम को इसका पता चला तो वह आगबबूला हो गया। तैश में आकर उसने दरोगा नवीन को फोन लगाया। इस दौरान शमीम दरोगा पर बरस पड़ा। सादी वर्दी में दबिश देने को गलत बताया। जुबेर की गिरफ्तारी पर दरोगा से अभद्रता की। बातचीत के दौरान दरोगा को मारने की धमकी दी। साथ ही मेराजुद्दीन के जेल से रिहा होने पर इसका खामियाजा भुगतने की चेतावनी दी।
इस पर पुलिस ने शमीम के खिलाफ तस्करा डाल दिया है। एसओ ने बताया कि उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया है। धमकी भरी फोन कॉल की रिकार्डिंग कमिश्नर, डीआईजी, आईजी, डीजीपी को सीडी द्वारा भेज दी है। अधिकारियों का आदेश मिलते ही शमीम के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। शमीम हत्या के मामले में अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है।
चर्चा है कि सत्ता की हनक में शमीम ने विपक्षियों के खिलाफ एक महिला से गैंगरेप का केस दर्ज कराया था। इसकी छानबीन चल रही है। इसको लेकर दोनों पक्षों में तनातनी बढ़ गई है। दरोगा को धमकी के मामले से क्षेत्रीय राजनीति में खासी हलचल है।