फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया आदित्य, चेन्नई के दंपति पर हुआ था हमला

Thu, 29 Jun 2017 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
आदित्य की पत्नी से पूछताछ करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 11 दिन पूर्व बदमाशों द्वारा बाइक सवार दंपति पर हमले में घायल युवक की मेरठ में उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस मामले का अभी तक खुलासा नहीं कर पाई है। हमले की कहानी पूरी तरह अनसुलझी है। पुलिस ने अज्ञात में दर्ज मामले को हत्या में तरमीम कर दिया है।
विज्ञापन

       
नईमंडी कोतवाली के बाईपास से 17 जून की शाम चेन्नई की रामपुरम कॉलोनी निवासी आदित्य पत्नी विजयलक्ष्मी के साथ हरिद्वार घूमकर आ रहे थे। एक माह पूर्व ही दोनों की शादी हुई थी। दोस्तों के साथ लेह, लद्दाख और चंडीगढ़ आदि घूमने के बाद दंपति दिल्ली लौट रहा था। बाईपास पर बागोवाली पुलिया के पास बाइक सवार दो बदमाश आए और दंपति पर फायरिंग कर दी थी। आदित्य की गर्दन में गोली लगने से दोनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए थे। इसी बीच हमलावर मौके से फरार हो गए थे। 

पुलिस और साथी की सहायता से विजय लक्ष्मी ने आदित्य को भोप रोड स्थित नर्सिंगहोम में भर्ती कराया था। नईमंडी कोतवाली पुलिस ने पत्नी की तहरीर पर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर दी थी। घायल की हालत गंभीर होने के चलते परिजनों ने उसे मेरठ के आनंद हास्पिटल मे भर्ती करा दिया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मुकदमे को हत्या की धारा में तरमीम कर दिया है। 11 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस घटना का खुलासा नही कर पाई है।       
विज्ञापन

    
बिना लूट किए फरार हो गए थे बदमाश
एक माह पूर्व हुई शादी के बाद दोस्तों के साथ तीन जून को चेन्नई निवासी आदित्य पत्नी विजयलक्ष्मी और 15 दोस्तों के साथ हनीमून के लिए निकले थे। लेह, लदाख आदि जगहों पर घूमने के बाद 16 जून को चंडीगढ़ से बाकी दोस्त वापस दिल्ली चले गए। दंपति हरिद्वार रिश्तेदारी में चले गए। 17 जून को बाइक से दोनों हरिद्वार से दिल्ली के लिए चले तो शाम के समय नई मंडी कोतवाली के बागोवाली पुलिया के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने दंपति पर फायरिंग कर दी।

गर्दन में गोली लगने से आदित्य गंभीर घायल हो गया था। घटना के दौरान दोनों के पास नगदी और कीमती सामान होने के बाद भी बदमाशों ने कोई लूट नहीं की थी। जांच में जुटी क्राइम ब्रांच की टीम ने सीसीटीवी फुटेज में दो आरोपी देख भी लिए थे। पुलिस ने घायलों और उनके दोस्तों की सीडीआर निकलवाई, दिल्ली जाकर घायलों के दोस्तों से पूछताछ की, लेकिन 11 दिन बाद भी पुलिस ने तो आरोपियों का पता कर पाई और न ही घटना का कारण खोज पाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें