शहर की मदीना कॉलोनी में मंगलवार शाम क्राइम ब्रांच व स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई के तहत बड़े पैमाने पर चलाई जा रही नकली शराब की अवैध फैक्टरी का भंडाफोड़ करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया। मौके से बड़े पैमाने पर नकली शराब, केमिकल के ड्रम, तैयार नकली शराब की बोतल व पेटियां, नशीले इंजेक्शन, खाली बोतलें और अन्य सामान बरामद किया गया है।
शहर के रुड़की रोड स्थित राधास्वामी सत्संग भवन के सामने स्थित मदीना कॉलोनी की गली में मंगलवार शाम क्राइम ब्रांच व स्वाट टीम ने संयुक्त रूप से एक अर्द्धनिर्मित भवन में छापेमारी की। मौके पर बड़े पैमाने पर नकली शराब फैक्टरी चलती मिली, जिसमें आठ लोग काम कर रहे थे, जिन्हें हिरासत में ले लिया गया।
मौके से 50 से अधिक केमिकल की केन, एक बड़ा टैंक, नशे के इंजेक्शन, रंगीन कलर, तोहफा ब्रांड की तैयार बोतलें व पेटियां, तैयार की गई शराब, पैकिंग की मशीनें और अन्य सामान बरामद किया गया। सूचना पर एसएसपी सुधीर कुमार सिंह और एसपी सिटी सतपाल अंतिल भी मौके पर पहुंचे और फैक्टरी का निरीक्षण करते हुए सारा सामान कब्जे में लेकर जांच के आदेश दिए।
केमिकल व नशे के इंजेक्शन मिलाकर बन रही थी शराब
मुजफ्फरनगर। मदीना कॉलोनी में पकड़ी गई अवैध फैक्टरी में केमिकल, स्प्रिट व नशे के इंजेक्शन मिलाकर बड़े पैमाने पर नकली शराब बनाई जा रही थी। इसके लिए पानी के 1500 लीटर के टैंक में केमिकल, स्प्रिट व पानी के साथ कलर मिलाकर शराब तैयार की जाती थी, जिसके बाद उसमें नशे की मात्रा बढ़ाने के लिए नशीले इंजेक्शन मिलाए जाते थे। इस तरह तैयार की गई शराब को लोकल तोहफा ब्रांड की शीशियों में भरकर उनकी बाकायदा पेटियां तैयार कर सप्लाई किया जा रहा था। मौके से बड़ी संख्या में तोहफा ब्रांड के स्टीकर व खाली बोतलें भी बरामद की गईं हैं।
आठ लोग गिरफ्तार, पूछताछ जारी
मुजफ्फरनगर। मदीना कॉलोनी में पकड़ी गई अवैध शराब फैक्टरी से आठ लोग मौके पर शराब तैयार करते रंगेहाथ पकड़े गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मोहल्ला मल्हूपुरा निवासी नवेद व आस मोहम्मद, गांव सरवट निवासी फरीद, गांव सोंटा निवासी अनुज व राहुल, मंसूरपुर निवासी चंचल व विशाल और खान्नूपुर निवासी मनशोर शामिल हैं। उक्त सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है।
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि मदीना कॉलोनी में पकड़ी गई नकली शराब फैक्टरी में फिलहाल होली पर सप्लाई करने के लिए नकली व स्वास्थ्य के लिए हानिकारक शराब तैयार की जा रही थी। आठ लोग हिरासत में लिए गए हैं, जिनसे शराब सप्लाई के संबंध में पूछताछ की जा रही है। आरोपी स्प्रिट, केमिकल व नशे के इंजेक्शन डालकर लोकल तोहफा ब्रांड की शराब तैयार कर रहे थे। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, जिसके बाद इस धंधे से जुड़े अन्य चेहरों का भी पर्दाफाश किया जाएगा।
सिविल लाइंस और आबकारी पुलिस को नहीं लगी भनक
शहर की मदीना कॉलोनी में पकड़ी गई अवैध शराब फैक्टरी के संचालन को लेकर खाकी के साथ ही आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हैरत यह कि इतने बड़े पैैमाने पर चल रही शराब फैक्टरी से थाना पुलिस के साथ ही आबकारी विभाग भी पूरी तरह से अनभिज्ञ रहा। लापरवाही का आलम यह कि सिविल लाइंस थाना पुलिस शराब फैक्टरी पकड़े जाने के बाद एसएसपी के पहुंचने के भी काफी देर बाद मौके पर पहुंची और आबकारी विभाग की टीम तो देर रात तक भी घटनास्थल की जांच करने तक नहीं पहुंच पाई।
खाकी व आबकारी विभाग की इस सुस्ती का यह आलम तब है जबकि, हाल ही में जनपद से सटे सहारनपुर व रुड़की क्षेत्र में जहरीली शराब ने जमकर तांडव मचाते हुए करीब सैकड़ों लोगों की जिंदगी लील ली थी, जिसका कोहराम अब तक शांत नहीं हो पाया है। उल्लेखनीय है कि करीब छह माह पूर्व भी शहर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में नकली शराब की फैक्टरी पकड़ी जा चुकी है,
लेकिन तब भी मुस्तैद थाना पुलिस और आबकारी विभाग को उस फैक्टरी की भनक तक नहीं लग पाई थी। अब ऐसे में जिस तरह फैक्टरी में केमिकल, स्प्रिट व नशे के इंजेक्शन मिलाकर नकली शराब तैयार की जा रही थी, जिसे होली पर सप्लाई किए जाने की बात सामने आ रही है। यदि यह शराब होली पर सप्लाई होने के बाद कोई गुल खिला देती तो आखिर इसका जिम्मेदार कौन होता ? खाकी की इस लापरवाही पर अफसर चुप्पी साधे हुए हैं।