बुढ़ाना में फर्जी पुलिस वाले बनकर लुटेरे खाकी को ही चकमा देकर लूट की वारदातों को अंजाम देते रहे ताकि लोगों को गुमराह किया जा सके। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) जवान से बाइक लूट के मामले में पकड़े गए एक आरोपी ने यह खुलासा किया है। उसने बताया है कि लूट की बाइक पर ही पुलिस लिखकर और पुलिस की फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर वे लूट की वारदातों को अंजाम दिया जाता रहा। एक फरार आरोपी की तलाश जारी है।
बता दें कि पुलिस ने बृहस्पतिवार को शाम करीब तीन बजे मेपल्स स्कूल के पीछे मंदवाड़ा लिंक मार्ग पर दो एक बदमाश को गिरफ्तार किया था। दूसरा बदमाश भाग गया था। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से बाइक, तमंचा, दो जिंदा कारतूस और पुलिस का फर्जी आई कार्ड बरामद किया था। रविवार सुबह करीब दस बजे बागपत जनपद के दोघट कस्बे का राहुल कोतवाली पहुंचा। उसने बताया कि बदमाशों के कब्जे से मिली बाइक उसकी है।
यह बाइक तीन बदमाशों ने 13 अक्तूबर को सुबह साढ़े सात बजे पुसार-बरनावा लिंक मार्ग पर लूट ली गई थी। राहुल ने बताया कि वह सीआईएसएफ का जवान है। घटना के समय वह बाइक से गाजियाबाद कार्यालय में ड्यूटी पर जा रहा था। इंस्पेक्टर डीके त्यागी ने बताया कि लुटेरे बाइक पर पुलिस लिखी नंबर प्लेट लगाकर लूट करते थे। पकड़ा गया लुटेरा विशेष तोमर पुत्र कृष्णपाल बुढ़ाना कस्बे का रहने वाला है।
फरार होने वाला बदमाश विशेष का साला सौरभ पुत्र मदनपाल बड़ौत का निवासी है। उन्होंने बताया कि दोनों लुटेरों ने पुलिस के आई कार्ड भी बनवा रखे हैं। किसी जगह पर यदि शक हो जाए तो वे फर्जी आईडी दिखाकर बच जाते रहे हैं। पुलिस ने विशेष के साले की तलाश में रविवार को दबिश दी। लेकिन वह हाथ नहीं आ पाया। पुलिस के फर्जी आई कार्ड बनवाने में लुटेरों के पुलिसकर्मी रिश्तेदार का हाथ बताया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।