गुर्जर सद्भावना सभा की बैठक में एचसीपी बिजेंद्र सिंह के आत्महत्या मामले में आरोपी एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर आक्रोश प्रकट किया गया। शासन की ओर से आरोपी एसडीएम के खिलाफ के कार्रवाई न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई।
आदर्श कॉलोनी स्थित नरेश गुर्जर के आवास पर हुई बैठक में प्रधान रामबीर एड्वोकेट ने कहा कि जिस फाइल के खोने के कारण बिजेंद्र सिंह को अपनी देनी पड़ी उस फाइल की प्रति पुलिस थाने से भी प्राप्त की जा सकती थी। इस प्रकरण से एसडीएम की अमानवीयता प्रदर्शित होती है। ऐसे अधिकारी को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, उसके लिए समाज सड़को पर उतरने को मजबूर होगा।
प्रोफेसर रामपाल सिंह ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। रालोद के युवा मंडल अध्यक्ष अभिषेक चौधरी ने कहा कि एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई न होना समस्त समाज के खिलाफ अन्याय है। इसका प्रतिकार होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि सभी ऐसे अधिकारी अपने व्यवहार को संयत करे और आगे से इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। पुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि ऐसे घृणित व्यवहार वाले अधिकारियों को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ओपी चौहान ने सुझाव दिया कि शासन को आठ दिन की समय सीमा में दोषी के विरुद्ध कार्यवाही ना करने और अभियुक्त की गिरफ्तारी न होने पर धरना और प्रदर्शन आदि के द्वारा विरोध दर्ज कराया जाए। सभा में गहन विचार विमर्श के बाद डॉ. बीपी सिंह ने सर्वसम्मति का निर्णय सुनाया कि सर्वप्रथम तो दोषी उप जिलाधिकारी रामअवतार गुप्ता को निलंबित किया जाए ताकि वो अपनी कुर्सी का फायदा उठाते हुए नाजायज दबाव डालकर जांच को प्रभावित न कर सकें।
यदि शासन आठ दिना में एसडीएम को गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो गुर्जर समाज सहित सर्वसमाज द्वारा एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सभा को सतीश गुर्जर धमात, नरेश गुर्जर, योगेश कुमार, जगपाल सिंह, संदीप गुर्जर आदि वक्ताओं ने भी संबोधित किया। देवराज प्रधान, अनुज प्रधान, मदनपाल सिंह, मिंटू, ओमसिंह चौधरी, अनिल कुमार, डॉ संजीव कुमार, प्रदीप कुमार, सुमित पंवार आदि लोग मौजूद रहे। अध्यक्षता गुर्जर सद्भावना सभा के अध्यक्ष डॉ बीपी सिंह ने तथा संचालन ओमसिंह मोतला ने किया।