मुजफ्फरनगर के मीरापुर में तीन लोगों ने लिफ्ट देने के बहाने एक महिला को गांव के जंगल में ले जाकर उससे गैंगरेप किया। महिला के अचेत होने पर आरोपी फरार हो गए। मामला अलग-अलग संप्रदाय का होने पर पुलिस ने पीड़िता को तुरंत मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी जा रही है।
थाना ककरौली क्षेत्र के एक गांव की महिला बुधवार दोपहर मीरापुर में एक डॉक्टर से दवाई लेने आई थी। दवाई लेने के बाद दोपहर करीब तीन बजे महिला गांव आने के लिए बस की इंतजार में स्टैंड पर खड़ी थी। आरोप है कि इसी दौरान दो बाइक पर तीन युवक आए और उसको गांव ले जाने के बहाने महिला को एक बाइक पर बैठा लिया। महिला विश्वास कर बाइक पर बैठ गई। तीनों युवक बस स्टैंड से थाने की ओर आते समय अचानक एक पेट्रोल पंप के पीछे के रास्ते पर गांव के जंगल में पहुंच गए। महिला को शक हुआ तो युवकों से उसे डरा-धमका कर चुप कर दिया। आरोप है कि युवकों ने गन्ने के खेत में खींचकर उससे गैंगरेप किया। महिला बेहोश हो गई तो तीनों आरोपी उसे वहीं छोड़कर भाग निकले। कुछ देर बाद महिला को होश आया तो उसने गांव में अपनी एक परिचित महिला को फोन कर बुलाया। बाद में गांव से आई महिला और एक ग्रामीण पीड़िता को मीरापुर थाने लेकर आए। पीड़िता की ओर से घटना की तहरीर दी गई। पीड़िता ने तीनों आरोपियों को नामजद किया है। आरोपी गांव चौरावाला के बताए गए हैं। मामला अलग-अलग संप्रदाय का होने पर पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने महिला को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर मीरापुर अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है। आरोपियों की तलाश में छापे की कार्रवाई भी की जा रही है।
कपड़ा व्यापारी के अपहरण का आरोप
मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। मोहल्ला मुश्तर्क निवासी फेरी लगाकर कपड़ा बेचने वाले व्यक्ति की पत्नी ने अपने पति के अपहरण की फर्जी तहरीर देकर सनसनी फैला दी। मोहल्ला मुश्तर्क निवासी इरशाद फेरी लगाकर कपड़ा बेचने का काम करता है। पुलिस के अनुसार इरशाद की पत्नी दोपहर के समय तहरीर लेकर आई। बताया कि उसका पति बुधवार सुबह ककरौली क्षेत्र में कपड़ा बेचने गया था, ककरौली बस स्टैंड पर चार लोगों ने उसका अपहरण कर लिया और फोन पर पांच लाख रुपये की मांग की है। अपहरण करने वाले में दो लोगों को नामजद बताया। पुलिस ने मामला ककरौली क्षेत्र का बताकर महिला को वापस भेज दिया। शाम को पुलिस ने बताया कि कथित रूप से अपहरण की कहानी झूठी थी। इरशाद का ककरौली के कुछ लोगों से लेनदेन था, इसीलिए उन्होंने उसे अपने पास पकड़कर बैठा लिया था। बाद में वह सकुशल घर वापस आ गया।