मदीना चौक पर हुई मारुफ की हत्या में मृतक के भाई फारुख ने अपने बहनोई समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। मृतक ने अपनी बहन को परेशान करने का विरोध किया था, इसी बात को लेकर उसकी हत्या कर दी गई। अभी तक एक भी नामजद हत्यारोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आया है। उधर, मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहल्ला महमूदनगर निवासी इनाम का 22 वर्षीय बेटा मारुफ सोमवार देर शाम मदीना चौक पर खड़ा था, तभी कुछ हमलावरों ने उसके पेट में छुरियों से तीन घातक प्रहार किए। वह लहूलुहान होकर वहीं पर गिर पड़ा। परिजनों और पुलिस वालों ने उसे सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे तुरंत ही मेरठ के लिए रेफर कर दिया था, मगर रास्ते में ही मारुफ ने दम तोड़ दिया था।
देर रात मृतक के भाई फारुख ने खालापार निवासी अपने बहनोई आरिफ पुत्र नसीम, उसके भाई नईम के अलावा नूर मस्जिद खालापार के उस्मान पुत्र बाबू और हाजीपुरा निवासी राशिद पुत्र तौफीक के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा सिविल लाइन थाने में दर्ज कराया। हत्या का कारण पारिवारिक विवाद बताया। पुलिस ने बताया कि ससुराल वाले मारुफ की बहन को परेशान करते हैं, जिसका वह विरोध करता था। इसी बात को लेकर उसकी अपने बहनोई से कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश में उसकी हत्या कर दी गई। इंस्पेक्टर सिविल लाइन नीरज सिंह ने बताया कि नामजद हत्यारोपियों की तलाश में पुलिस दबिश डाल रही है।