बुढ़ाना। पुलिस ने मुठभेड़ में पशु चोर गिरोह के सरगना समेत चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गाय, बछड़ा, तमंचा और कैंटर बरामद किया। पूछताछ के बाद पुलिस ने इटावा में पड़ी पशु डकैती और पशु चोरियों की कई वारदातों का खुलासा किया।
बुढ़ाना पुलिस बृहस्पतिवार की देर रात बड़कता रोड पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान इंसपेक्टर कमल सिंह यादव को मुखबिर द्वारा पशु चोर गिरोह के बारे में सूचना मिली।
इंसपेक्टर कमल सिंह यादव, दरोगा रविपाल पूनिया, मनोज बालियान, नरेश यादव समेत अन्य पुलिस बल के साथ बड़कता रोड पर घेराबंदी कर दी। इसी बीच बड़कता रोड पर पुलिस के पास सड़क किनारे खड़े कैंटर को देखकर पुलिस ने घेर लिया।
कैंटर में सवार बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए चार बदमाशों को दबोच लिया, जबकि एक बदमाश फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने कैंटर में लदी चोरी की गाय, बछड़ा और बदमाशों की तलाशी तमंचा और छुरियां बरामद की। पुलिस कैंटर, पशु सहित सभी बदमाशों को कोतवाली ले आई।
पूछताछ के बाद इंसपेक्टर कमल सिंह यादव ने बताया कि यह पशु चोर गिरोह है। इस गिरोह ने 15 अगस्त की रात इटावा में एक ग्रामीण के यहां डकैती डाली थी, यहां से बदमाश 11 पशु, नकदी और जेवरात लूट लिए थे।
पुलिस ने बताया कि कैंटर में मिली गाय और बछड़ा 21 दिसंबर को नदी मंदिर के पास किसान के घर से चोरी किया था। पुुलिस के अनुसार अटेरना से हुई तीन भैंसों की चोरी, कस्बे से हुई दो भैंसों की चोरी, बड़ौदा मेें तीन दिन पहले हुई भैंस चोरी एवं दो माह पूर्व फुगाना थाने के गांव हबीबपुर से चार भैंसें की चोरी को इसी गिरोह अंजाम दिया था।
चोरी के पशुओं को पीर शाह विलायत निवासी अकरम को बेचा जाता था। अकरम इन पशुओं को काटता एवं कटवाता था। पुलिस ने बताया कि पकडे गए चोर गिरोह के सदस्य काला, असगर, महबूब और शहराज शामली के कस्बा कैराना के रहने वाले है।
असगर इस गिरोह का सरगना है। बदमाशों कब्जे से मिली कैंटर भी असगर की ही बताई गई। पुलिस ने बताया कि पुलिस को फरार अकरम की तलाश जारी है। जल्दी ही उसे भी गिरफ्तार कर पशुओं की बरामदगी की जाएगी तथा पशु चोर गिरोह के बाकी सदस्यों को गिरफ्तार किया जाएगा।