फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ठेकेदार का अपहरण कर हत्या करने वाले पांच हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने हत्यारों पर अर्थदंड भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के बाद सभी को जेल भेज दिया गया। थाना रतनपुरी पर गांव हुसैनाबाद भड़वाड़ा के सलीम पुत्र नजर अली ने 4 अप्रैल 2012 का इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका भाई नईम ठेकेदार था। उसका साथी कादिर पुत्र ग्यासूदीन भी उसके साथ काम करता था ।
30 मार्च 2012 को ग्यासूदीन उसके भाई नईम को घर से बुला कर ले गया था। नईम की लाश पांच दिन बाद मुरथल जनपद सोनीपत, हरियाणा से कादिर की निशानदेही पर बरामद की गई थी। इस मुकदमे में कादिर पुत्र ग्यासूदीन, जाहिद, साकिब पुत्रगण मुनफैत, खालिद पुत्र जाहिद , अकबर पुत्र अलीहसन निवासीगण हुसैनाबाद भनवाड़ा को आरोपी बनाया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शबिस्ता आकिल की अदालत फास्ट ट्रैक संख्या-4 में हुई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनोद बालियान ने कोर्ट में 11 गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त कादिर , जाहिद, साकिब, खालिद , अकबर को नईम का अपहरण करके हत्या करने व लाश छुपाने के जुर्म में दोषी करार देते हुए धारा 147 के तहत दो वर्ष का कठोर कारावास, धारा 364 के तहत दस वर्ष का कठोर कारावास व एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास व तीन हजार रुपये जुर्माना, धारा 201 के तहत सात वर्ष का कारावास व एक हजार रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना की राशि मृतक की पत्नी को दी जाएगी।
पुलिस बल तैनात रहा
मुजफ्फरनगर। मुकदमे की सुनवाई के दौरान कोर्ट के बाहर दोनों पक्षों की भारी भीड़ रही। सिविल लाइन इंस्पेक्टर डीके त्यागी पुलिस बल समेत मौजूद रहे। सजा सुनाए जाने के बाद सभी को कड़ी सुरक्षा में जेल भेजा गया।