मुजफ्फरनगर में बाइक सवार युवकों ने जेल कारागार के बाहर ड्यूटी पर जा रहे बंदीरक्षक को टारगेट करते हुए गोली चलाई। हमले में आरक्षी बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना पर जेल अफसरों और पुलिस में अफरा-तफरी मच गई। एसएसपी बबलू कुमार ने फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। पुलिस ने जेल गेट के कैमरे की सीसीटीवी फुटेज खंगाली है। सिपाही की ओर से दी गई तहरीर को जेलर ने एसएसपी के पास भेजा दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
शहर के बीचोंबीच स्थित कारागार के बाहर मंगलवार की सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब ड्यूटी पर जा रहे बंदीरक्षक पर बाइक सवार दो युवकों ने जान से मारने की नीयत से गोली चलाई। जेल में तैनात आरक्षी नंदकिशोर मंगलवार सुबह करीब छह बजे अपनी ड्यूटी पर जा रहा था। इसी दौरान वहां पहुंचे बाइक सवार दो युवकों ने बंदीरक्षक को निशाना बनाते हुए फायर कर दिया। हमले में सिपाही बाल-बाल बचा। फायरिंग के बाद आरोपी जेल के बराबर में शिवपुरी वाले मार्ग से फरार हो गए। एक दुकानदार ने पुलिस कंट्रोल रूम को घटना की जानकारी दी। पता चलने पर जेल अफसरों और पुलिस विभाग में अफरातफरी मच गई। एसएसपी बबलू कुमार, एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह तीनों थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपी युवकों की तलाश में घंटों शहर में पुलिस दौड़ाई। पुलिस ने जेल गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग पाया। बंदीरक्षक नंदकिशोर ने जेलर राजेश कुमार सिंह को प्रार्थना पत्र लिखकर दिया है कि आरोपियों ने उसे टारगेट कर फायर किया था। यह भी बताया कि उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। जेलर ने प्रार्थना पत्र को कार्रवाई के लिए एसएसपी के यहां भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
साजिश के तहत हुआ हमला
मुजफ्फरनगर। बाइक सवार युवकों ने एक साजिश के तहत बंदीरक्षक पर हमला किया है। सूत्रों की मानें तो सिपाही की एक दिन पूर्व शामली के एक शातिर से जेल के भीतर ही कहासुनी हुई थी, जिसे लेकर दोनों में तनातनी हो गई थी। मंगलवार सुबह सिपाही पर बाइक सवार युवकों ने फायर कर दिया। हालांकि बंदीरक्षक किसी भी तरह की दुश्मनी से इंकार कर रहा है। जांच टीम इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।
जेल गेट पर पहले भी हुई हैं घटनाएं
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार के गेट पर बंदीरक्षक पर बाइक सवार युवकों द्वारा किया गया हमला कोई नई बात नहीं है। इससे पूर्व भी जेल गेट के बाहर कई बार फायर हो चुके हैं और दो बंदीरक्षकों की हत्या की जा चुकी है। जेलर पर भी हमले का प्रयास किया जा चुका है। शातिर जिस तरह अपनी दहशत और बादशाहत बाहर रखते हैं, उसे वह जेल में भी बरकरार रखना चाहते हैं। बदमाश जेल के भीतर से ही गैंग संचालित करना और ऐशोआराम चाहते हैं। इसके बीच कोई आने का प्रयास करता है तो वह उसे दुश्मन मान लेते हैं। शातिरों से दुश्मनी के चलते छह वर्ष पूर्व बंदीरक्षक देवदत्त शर्मा को जेल के बाहर अपनी जान देकर चुकानी पड़ी थी। एक बार शातिरों द्वारा जेलर पर भी हमले का प्रयास किया गया था। कुख्यात की सुविधाओं में रुकावट बनने पर 2014 में बंदीरक्षक चुन्नीलाल शर्मा की गेट पर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। चार माह पूर्व कारागार के बाहर बाइक सवार युवकों ने रात में फायर कर सनसनी फैलाई थी। छह माह पूर्व मिलाई के लिए आए युवक की जेब से चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों ने दो कारतूस बरामद किए थे।
जेल की सुरक्षा को लेकर कड़े बंदोबस्त
मुजफ्फरनगर। बंदीरक्षक पर हमले को देखते हुए जेलर ने गेट के आसपास कड़े बंदोबस्त किए हैं। मिलाई और जेल गेट के बाहर घूमने वालों की पूरी वीडियोग्राफी होगी। चार-चार घंटों की शिफ्ट में डिप्टी जेलरों की देखरेख में मिलाई पर आने वालों की चेकिंग होगी। शातिरों से मिलने आने वालों की पूरी डिटेल रजिस्टर में दर्ज कराई जाएगी। जेलर राजेश कुमार सिंह ने बताया कि बंदीरक्षक पर हुए हमले के बाद गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरें से बाहर घूमने वाले की 24 घंटे वीडियोग्राफी होगी। सुबह छह से देर रात तक चार-चार घंटों की ड्यूटी डिप्टी जेलरों की मिलाई करने वालों की चेकिंग पर लगाई गई है। रोजाना चेकिंग की वीडियोग्राफी होगी। शाम को फुटेज से मिलाई पर आने वालों को देखा जाएगा। व्यवस्था बनाए रखने के लिए दो और कैमरे गेट पर लगाए जा रहे हैं। बड़े बदमाशों की मिलाई करने आने वाले के लिए अलग से रजिस्टर बना दिया गया है, जिसमें आने वाले की पता, आने का कारण आदि पूरी डिटेल लिखी जाएगी। बताया कि गेट के बाहर और ज्यादा सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।