होमगार्ड के जरिए रिश्वत लेने के मामले में मंगलवार को महिला एसओ को एसएसपी ने लाइन हाजिर कर दिया। एसपी सिटी ने दो माह पहले छापा मारकर महिला थाने में वसूली के इस खेल का पर्दाफाश किया था, लेकिन तत्कालीन कप्तान के ढुलमुल रवैये की वजह से कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
करीब दो महीने पहले खतौली के मोहल्ला शेखपुरा की पीड़िता मंतसा की रिपोर्ट महिला एसओ ने दर्ज नहीं की थी। पीड़िता ने मुकदमे की एवज में बीस हजार रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत एसपी सिटी संतोष कुमार मिश्रा से की। मिश्रा ने पीड़िता को समझाकर वापस थाने भेज दिया। महिला ने थाने में जैसे ही होमगार्ड को रुपये देने की कोशिश की एसपी सिटी ने उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद होमगार्ड ने कहा कि महिला एसओ प्रीता यादव के कहने पर उसने रकम ली थी। होमगार्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। मामले को दबाने के लिए महिला एसओ और अन्य कई थानेदारों ने तमाम कोशिशें कीं। यही वजह है कि तत्कालीन एसएसपी केबी सिंह के ढुलमुल रवैये के कारण दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी।
मंगलवार को पुलिस ऑफिस में आरोपी होमगार्ड सचिन और साथी होमगार्ड अरविंद ने कप्तान को पूरे मामले की हकीकत सुना दी। ऑडियो क्लिप और एसएपी सिटी की तफ्तीश रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने सेट पर ही महिला एसओ को चार्ज छोड़कर लाइन में आमद कराने का फरमान सुना दिया। कप्तान की कार्रवाई से थानेदारों और दरोगाओं में हड़कंप मचा है।
कुख्यात बदमाश से धमकी का ऑडियो हुआ था वायरल
होमगार्ड सचिन के जेल जाने के बाद मामले को दबाने के लिए कई हथकंडे अपनाए गए। सूत्रों के मुताबिक शहर के एक थानेदार ने जेल के भीतर जाकर होमगार्ड सचिन को मामले को रफा-दफा करने के लिए तैयार किया। महिला एसओ पर लगाए गए आरोपों को वापस लेने के लिए पत्नी से उसकी फोन पर बात कराई। साथ ही बदले में कुछ नकद सहायता देने का भी आश्वासन दिया था।
साथी होमगार्ड अरविंद ने सचिन की जमानत आदि की पैरवी की तो एक कुख्यात के गुर्गे ने उसे धमकी दी। अरविंद का आरोप था कि महिला एसओ प्रीता यादव के इशारे पर धमकी दी गई है। इसका ऑडियो भी वायरल हो गया। हालांकि उस समय महिला थाना प्रभारी ने आरोपों को बेबुनियाद बताकर पल्ला झाड़ लिया था। होमगार्ड सचिन फिलहाल जमानत पर बाहर है।
दो साल से अधिक समय से थाने में जमे पुलिस कर्मियों की सूची तलब
एसएसपी दीपक कुमार ने मंगलवार को जिले के थानों में दो साल से ज्यादा समय से डटे थानेदारों और दरोगाओं की सूची तलब की है। मंगलवार को कप्तान ने यह निर्देश दिए। क्राइम कंट्रोल करने के लिए एसएसपी थानों की पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहते हैं। दरोगा के अलावा चर्चित सिपाहियों की भी कुंडली खंगाली जा रही है, जो खाकी की आड़ में दूसरे धंधों में सक्रिय हैं।