ससुराल में विवाहित बेटी के उत्पीड़न से सदमे में आए पिता ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। बेटी के ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मंसूरपुर के गांव पुरबालियान निवासी इरशाद ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसकी बहन साहिस्ता का निकाह 2012 में मीर हसन के पुत्र इरशत निवासी गांव पसौंड़ा, थाना साहिबाबाद, जिला गाजियाबाद के साथ हुआ था। आरोप है कि निकाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर लगातार साहिस्ता का उत्पीड़न कर रहे थे।
मायके वालों का यह भी आरोप है कि 2012 से साहिस्ता के कोई बच्चा नहीं होने से भी उसे प्रताड़ित किया जाता था। एक अप्रैल को ससुरालवालों ने साहिस्ता को मारपीट कर घर से निकाल दिया था। मारपीट में महिला घायल हो गई थी। मायके वाले साहिस्ता को अपने घर लेकर चले आए थे।
मायके वाले रिपोर्ट दर्ज कराने को महिला थाने में पहुंचे थे, लेकिन उनकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की थी। तीन अप्रैल को मायके वालों ने साहिस्ता को इलाज के लिए बेगराजपुर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। विवाहिता पुत्री के साथ हुए उत्पीड़न को लेकर उसके पिता अख्तर सदमे में रहने लगे थे।
सोमवार को अख्तर ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने महिला के पति मीर हसन, सास बानो, जेठ शेरजान व बदलू तथा जेठानी अकलीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया है। इंस्पेक्टर केपीएस चाहल का कहना है कुछ दिन पूर्व अख्तर अपने बेटे व बेटी के साथ थाने में मिलने आया था। मृतक ने केवल मौखिक रूप से बेटी के उत्पीड़न की बात बताई थी। मैंने बेटी के ससुराल वालों से टेलीफोन पर मामले को सुलझाने के लिए कहा था।
इसके बाद मेरे पास कोई मिलने नहीं आया। ससुरालवालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीओ डा. राजीव कुमार सिंह ने बेगराजपुर मेडिकल कालेज में मारपीट करने से घायल पीड़िता साहिस्ता के बयान दर्ज किए। सीओ ने बताया कि पीड़िता का मेरे पिता की मौत के जिम्मेदार सिर्फ ससुराल वाले ही हैं।