पुलिस ने तितावी पीर के निकट से दो ठगों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ढिंढावली निवासी सतपाल पुत्र नारायण सिंह को ठगने के लिए आए थे। उनको पकड़वाने में बड़ौत निवासी एक दरोगा सोमपाल की मुख्य भूमिका रही, जो सतपाल का रिश्तेदार है। पुलिस ने पकड़े गए दोनों युवकों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि ठग गिरोह का तीसरा मुख्य मास्टरमाइंड पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
तितावी पुलिस के अनुसार ढिंढावली निवासी सतपाल ने अपने रिश्तेदार बड़ौत में दरोगा सोमपाल के साथ आकर सूचना दी कि उसका जमीन का विवाद कोर्ट में लंबित है। गत दिवस किसी ने फोन करके बताया कि वह पूर्व विधायक बोल रहा है, आपका जो जमीन का विवाद कोर्ट में चल रहा है, उसमें आप की मदद हो सकती है। तीन लड़के आप से मिलेंगे, उन्हें एक मिठाई का डब्बा और 30 हजार रुपये दे देना।
जिसके बाद सतपाल ने मुजफ्फरनगर में भोपा पुल के निकट बताए गए युवकों को 30 हजार रुपये दे दिए। घर आकर सतपाल ने ये बात अपने रिश्तेदार सोमपाल दरोगा को बताई। दरोगा को इस बात का शक हुआ तो उसने पूर्व विधायक राजपाल बालियान से संपर्क किया तो पता चला यहां से कोई फोन नहीं हुआ और किसी ने मेरे नाम से आपको ठग लिया है। इसके बाद रात में सतपाल को फोन कर ठगों ने कहा कि उनके पास सोने के बिस्कुट हैं, जिन्हें वे बेचना चाहते हैं। सतपाल ने ठगों को योजना बनाकर तितावी बुला लिया। शुक्रवार को कार सवार दो युवकों पकड़ लिया,
जिन्होंने अपने नाम फरमान पुत्र बूंदा बेहड़ी कोतवाली मुजफ्फरनगर, विक्की पुत्र सुरेशपाल लछेड़ा मंसूरपुर बताया, जबकि इनका एक साथी रवि उर्फ काला ढिंढावली थाना तितावी भाग गया। इनके कब्जे से एक डब्बा जिसमें सोने के बिस्कुट बताए गए थे मिला। उसके अंदर से फोटो फ्रेम निकले हैं। पकड़े गए आरोपी युवकों में से फरमान पुलिस लाइन मुजफ्फरनगर में तैनात एक सिपाही की कार चलाता है। कार को भी कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस ने पीड़ित सतपाल की ओर से धारा 420 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।