मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर में दिनदहाड़े सर्राफ के बेटे को गोली मारने की घटना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। बदमाशों ने सरेआम पुलिस को ललकारा है। पुलिस रंगदारी मांगने के प्रकरण की छानबीन में जुटी थी, लेकिन इससे पहले ही बदमाशों ने व्यापारी पर धावा बोल दिया।
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि रंगदारी मांगने की कॉल जेल से आई थी। कॉल करने वाले शातिर बदमाश रोहित सांडू को मुजफ्फरनगर से फैजाबाद जेल ट्रांसफर किया गया था। पुलिस की एक टीम उससे पूछताछ के लिए फैजाबाद रवाना की गई है।
मंसूरपुर में बुधवार दोपहर बदमाशों ने दिनदहाड़े जिस तरह वारदात को अंजाम दिया, ऐसा अभी तक फिल्मों में ही देखा जाता रहा है। फाटक बंद मिला तो बदमाश चलती ट्रेन में चढ़ गए। हाथों में पिस्टल देख यात्रियों की चीख निकल गई। लोगों ने चेन पुलिंग की तो बदमाशों ने चलती ट्रेन से ही छलांग लगा दी।
बाद में पुलिस काफी भागदौड़ की, लेकिन बदमाशों का कोई पता नहीं चला। पुलिस के मुताबिक अभी तक की तफ्तीश में जेल में बंद जोहरा गांव निवासी रोहित सांडू का नाम इस प्रकरण में सामने आ रहा है। करीब तीन माह पहले उसे सिखेड़ा थाना क्षेत्र में एक कानूनगो की हत्या में जेल भेजा गया था।
करीब एक पखवाड़े पहले उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे फैजाबाद जेल शिफ्ट कर दिया था। पिछले महीने डिस्टलरी के जीएम भगतसिंह पर भी इसी गैंग के सदस्यों ने गोली चलाई थी।
पुलिस ने जीएम पर गोली चलाने वाले गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार कर जेल भेज था। पुलिस मान रही है कि सर्राफ के बेटे पर गोलियां बरसाने वाले हमलावर भी इसी गैंग से जुडे हैं और आसपास के गांवों के ही रहने वाले हैं। शातिर रोहित सांडू से पूछताछ के लिए एक टीम फैजाबाद भेजी गई है। एसएसपी केबी सिंह का कहना है कि रंगदारी मांगने के तार जेल से जुड रहे हैं। कॉल डिटेल की जांच पड़ताल में इसका खुलासा हुआ था। गैंग को ट्रेस कर लिया गया है, जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
गुस्साए व्यापारियों ने घेरा थाना
सर्राफ दिनेश राणा के बेटे चितरंजन को बदमाशों द्वारा गोली मारने की घटना को लेकर व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित व्यापारियों ने बाजार बंद कर थाने का घेराव कर बदमाशों को शीघ्र पकड़ने की मांग की। व्यापारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि बृहस्पतिवार को भी बाजार बंद रहेगा।
शुक्रवार तक बदमाश नहीं पड़े गए तो अनिश्चिकालीन बाजार बंद रहेगा। व्यापारियों का कहना था कि दस लाख रुपये की रंगदारी मांगने पर सर्राफ दिनेश राणा ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। इसके बावजूद सर्राफ व उसके परिवार को सुरक्षा मुहैय्या नहीं कराई।
सर्राफ को दस साल पहले भी लूटा था
मंसूरपुर। सर्राफ दिनेश राणा से बदमाशों ने दस साल पूर्व भी नगदी सहित लाखों के जेवरात लूट लिए थे। सर्राफ दिनेश राणा शाम के समय दुकान बंद करके अपने घर लौट रहा था। रास्ते में बदमाशों ने सर्राफ से तमंचों के बल पर नगदी सहित लाखों रुपयों के जेवरात लूट लिए थे। विरोध करने पर बदमाशों ने सर्राफ को मारपीट कर घायल कर दिया था। पुलिस आज तक भी उन बदमाशों को पकड़ नहीं सकी है।