रतनपुरी में खेत पर पानी चलाने गए दलित की अज्ञात बदमाशों ने फावड़े से काटकर हत्या कर दी। बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीणों ने शव जंगल में पड़ा देखा। शव की पहचान होने पर मृतक के परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस शव उठाने लगी तो महिलाओं ने विरोध कर दिया।
शव उठाने को लेकर महिलाओं की पुलिस से नोकझोंक हुई। ग्रामीण मृतक के परिजनों को दस लाख का मुआवजा दिलाने और हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। सूचना मिलने पर एसडीएम, एसपी क्राइम, सीओ बुढ़ाना भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आश्वासन देकर ग्रामीणों को बमुश्किल शांत किया। आश्वासन के करीब चार घंटे बाद ही ग्रामीणों ने शव को उठाने दिया। मृतक के बेटे ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है।
रतनपुरी क्षेत्र के गांव भूपखेड़ी निवासी दलित धर्मसिंह (45) पुत्र गिरवर ने रतनपुरी निवासी किसान मुनेश पुत्र सूबेदार की कुछ जमीन बंटाई पर ले रखी थी। बुधवार रात करीब आठ बजे धर्मसिंह अपने घर से किसान मुनेश की ट्यूबवेल पर पानी चलाने के लिए गया था। किसान मुनेश के खेत गांव मंडावर के जंगल में हैं। रात में अज्ञात लोगों ने फावड़े से हमला कर धर्मसिंह की हत्या कर दी।
बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीणों ने ट्यूबवेल से कुछ दूरी पर रास्ते के किनारे दलित ग्रामीण का शव पड़ा देखा। जंगल में शव मिलने की खबर से ग्रामीणों में सनसनी फैल गई। ग्रामीण व मृतक के परिजन जंगल में पहुंचे। सूचना मिलने पर थाना रतनपुरी इंस्पेक्टर अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे। धर्मसिंह की हत्या को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
पुलिस पोस्टमार्टम के लिए शव उठाने लगी तो, महिलाएं भड़क उठीं। शव उठाने को लेकर महिलाओं की पुलिस के साथ काफी देर तक नोकझोंक हुई। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना था कि मृतक परिजनों को दस लाख रुपये का मुआवजा और हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक वे शव को उठाने नहीं देंगे। हंगामा होने की सूचना पर खतौली, बुढ़ाना और शाहपुर की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
सूचना मिलने पर एसडीएम खतौली बाबूराम, एसपी क्राइम प्रदीप गुप्ता, सीओ बुढ़ाना एसपी सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों को देखकर आक्रोशित ग्रामीण अपनी मांग पर अड़ गए। एसडीएम और एसपी क्राइम द्वारा मृतक परिजनों को मुआवजा दिलाए जाने के लिए शासन को लिखकर भेजने तथा शीघ्र ही हत्यारों को गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया।
अधिकारियों के आश्वासन पर ही करीब चार घंटे बाद ग्रामीणों ने शव को उठाने दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के पुत्र सोनू ने थाने में अज्ञात लोगों के विरुद्ध हत्या के मामले का मुकदमा दर्ज कराया है।
गांव के दलितों और ठाकुरों में है तनाव
दलितों के बाल नहीं काटने को लेकर भी ठाकुर बिरादरी के बीच तनाव चला आ रहा है। गांव भूपखेड़ी व मुजाहिदपुर पास-पास हैं। कुछ दिन पूर्व मुजाहिदपुर में ठाकुर बिरादरी के लोगों ने गांव के नाई को बुलाकर चेतावनी दे डाली थी
कि अगर उसने दलितों के बाल काटे तो वह उससे कभी बाल नहीं कटवाएंगे। इस बात को लेकर गांव भूपखेड़ी व मुजाहिदपुर के दलितों में आक्रोश फैल गया था। इस बात को लेकर गांवों में दोनों समाज की अलग-अलग पंचायत भी हुई। पंचायत के बाद से ही दोनों बिरादरी में तनाव चला आ रहा है। दलितों ने इस मामले में थाने में पुलिस को तहरीर तक दे दी थी।
शव के पास शराब की बोतल मिली
पुलिस ने मृतक धर्मसिंह के शव के पास से शराब की बोतल भी बरामद की है। पुलिस को आशंका है कि मृतक शराब पीने का आदी था। हत्यारे मृतक के जान पहचान वाले थे। पहले मृतक ने हत्यारों के साथ शराब पी। शराब के नशे में इनका आपस में विवाद हो गया। विवाद होने पर हत्यारों ने उसी के फावड़े से धर्मसिंह की गर्दन पर हमला कर हत्या कर डाली। पुलिस का यह भी मानना है कि हत्यारे हत्या में प्रयुक्त मृतक का फावड़ा भी साथ ले गए।
तीन ग्रामीणों को जंगल में देखा था
मृतक धर्मसिंह के पुत्र सोनू ने पुलिस को बताया कि देर शाम उसने किसान मुनेश की ट्यूबवेल के पास तीन ग्रामीणों को देखा था। जिनको वह पहचानता है। इन ग्रामीणों के साथ इनके तीन अन्य साथी और भी थे। जिनको वह पहचानता नहीं है। पुलिस ने इस मामले में गांव के चार लोगों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। इंस्पेक्टर अरविंद कुमार का कहना है कि घटना के बारे में कुछ क्लू हाथ लगे हैं, जल्द ही खुलासा किया जाएगा।