आरोपियों को पकड़कर ले जाती पुलिस।
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नेशनल हाईवे स्थित एक होटल पर उत्तराखंड रोडवेज डिपो की बस मेें बैठने को लेकर कुछ युवकों की परिचालक से कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। हंगामा बढ़ने पर यात्रियों ने मारपीट करने वाले तीन युवकों को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दे दी।
गांव मढ़करीमपुर निवासी योगेंद्र, बिजेंद्र पुत्रगण राजबीर सेना में हैं। बिजेंद्र की 18 फरवरी की शादी है। दोनों भाई और गांव निवासी विकास देवबंद क्षेत्र में रिश्तेदारी में शादी के कार्ड बांटने के लिए गए थे। रविवार को तीनों यूपी रोडवेज डिपो की बस से गांव लौट रहे थे।
दोपहर को करीब एक बजे के करीब बस हाईवे पर एक होटल पर रुक गई। इन तीनों को गांव पहुंचने की जल्दी थी। इस दौरान होटल पर खड़ी उत्तराखंड डिपो की बस में तीनों सवार हो गए। जब बस वहां से चली तो उक्त तीनों युवकों ने बस को चीतल पर रोकने के लिए परिचालक को कहा। परिचालक ने उत्तराखंड डिपो की बस होने पर रास्ते में रोकने से मना कर दिया। जिसको लेकर कहासुनी हो गई।
आरोप है कि तीनों ने परिचालक हरिद्वार निवासी अरविंद राणा से मारपीट कर दी। बस चालक शामली निवासी संजीव के विरोध करने पर उसे भी पीटा। बस की चाबी निकाल ली और गांव में फोन कर दिया। गांव से बाइक पर दो युवक भी लाठी-डंडे लेकर वहां आ गए। जिसके बाद चालक-परिचालक को लाठी डंडों से पीटा गया। इस बीच होटल के कर्मचारी बचाव में आए, तो उन्हें भी पीटा। जिससे बस में सवार यात्रियों में अफरातफरी मच गई।
यात्रियों और होटल कर्मचारियों ने तीन आरोपियों को पकड़ लिया। जबकि साथी बाइक को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। होटल कर्मचारियों व परिचालक ने फोन पर पुलिस को बस लूटने की सूचना दे दी। पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को हिरासत में ले लिया।
परिचालक अरविंद राणा ने पुलिस को बताया कि फरार युवक उससे 12 हजार रुपये की नगदी लूटकर ले गए हैं। उधर, इंस्पेक्टर अंबिका प्रसाद भारद्वाज का कहना है कि बस लूटने की सूचना गलत थी। बस में बैठने को लेकर परिचालक व चालक से कहासुनी हो गई थी। परिचालक ने मारपीट की तहरीर दे दी है। जांच पड़ताल कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।