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दलितों-ठाकुरों में खूनी संघर्ष, 18 घायल, पथराव और फायरिंग से गांव में मची अफरातफरी 

Fri, 08 Sep 2017 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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दो पक्षों में टकराव के बाद मौके पर पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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ठाकुर बहुल गांव भूपखेड़ी में छेड़छाड़ की घटना को लेकर दलित और ठाकुर बिरादरी के लोगों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। हवाई फायरिंग और पथराव से अफरातफरी मच गई। हमलावरों ने अंबेडकर की प्रतिमा को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हमले में दोनों पक्षों से करीब 18 लोग घायल हो गए। एक पक्ष के लोगों ने पुलिस पर भी पथराव किया।
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मौके पर पहुंची कई थानों की पुलिस ने बमुश्किल स्थिति को संभाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को खदेड़ा। सूचना पर एडीएम, एसपी देहात और एसडीएम गांव पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से घटना के बारे में जानकारी ली। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। गांव में तनाव के मद्देनजर पुलिस, पीएसी तैनात की गई है। 

रतनपुरी के गांव भूपखेड़ी में गुरु समनदास जी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में बुधवार रात दलित बस्ती में स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास आश्रम में सत्संग चल रहा था, जिसमें दलित समाज की युवतियां भी शामिल थीं। आरोप है कि रात में सत्संग के दौरान ठाकुर समाज के युवकों ने दलित युवतियों से छेड़छाड़ कर दी। विरोध करने पर दलित और ठाकुर समाज के लोग आमने-सामने आ गए थे। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर रात में मामला शांत करा दिया था।
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बृहस्पतिवार सुबह छेड़छाड़ की घटना को लेकर फिर दलित और ठाकुर समाज के युवकों में मारपीट हो गई। मारपीट को लेकर दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। धारदार हथियारों से एक-दूसरे पर हमले किए गए। ठाकुर समाज के लोगों ने फायरिंग करते हुए पथराव करना शुरू कर दिया। जवाब में दलितों की ओर से भी पथराव हुआ। गांव में अफरातफरी मच गई। इसी बीच बाबा भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

सूचना मिलने पर रतनपुरी पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि कुछ लोगों ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। इस घटना को लेकर गांव में दोनों पक्षों के बीच तनाव फैल गया। थाना खतौली, मंसूरपुर, शाहपुर आदि कई थानों की पुलिस व पीएसी बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने बमुश्किल स्थिति को संभाला। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को खदेड़ा। हमले में दलित पक्ष से प्रकाश पुत्र संतोष, संतोष पुत्र रतिया, टेका पुत्र नत्थन, ओमपाल पुत्र रतिया, संदीप पुत्र ओमदास, अंकित पुत्र रामभूल, राहुल पुत्र सतनाम, गुड्डन पुत्र ओमी, अमित व अवनीश पुत्रगण नत्थन और ठाकुर समाज की ओर से तन्नु पुत्र पवन, संदीप पुत्र गुल्लू, आकाश व गौरव पुत्रगण धीरज समेत 18 लोग घायल हो गए। 

पुलिस ने घायलों को खतौली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां पर गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना मिलने पर एडीएम प्रशासन हरीशचंद्र, एसपी देहात अजय सहदेव, एसडीएम खतौली कन्हई सिंह, सीओ बुढ़ाना हरिराम यादव गांव पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से घटना के बारे में पूछताछ की और क्षतिग्रस्त अंबेडकर की मूर्ति को कपड़े से ढकवाया। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए सर्च अभियान चलाया।

पुलिस ने सर्च अभियान में धीरज समेत कई लोगों को हिरासत में लिया। दलित समाज की ओर से सोमपाल पुत्र रतिया ने पुलिस को तहरीर दी है। गांव में दोनों पक्षों के बीच तनाव को देखते हुए भारी पुलिस और पीएसी बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी है। रात में  एसपी देहात, सीओ बुढ़ाना और एसडीएम खतौली को गांव में ही कैंप करने के निर्देश दिए हैं।  

दलित महिलाएं धरना देकर बैठीं 
गांव में दलित महिलाओं ने अंबेडकर प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने को लेकर आक्रोश प्रकट करते हुए धरना दिया। दलित महिलाओं का आरोप था कि ठाकुर समाज के लोगों ने उनकी बेटियों से छेड़छाड़ की और विरोध करने पर उनके परिवारों पर हमला बोल दिया। हमलावर हाथों में धारदार हथियार, रायफल और तमंचे लेकर आए थे। हमलावरों ने जान-बूझकर अंबेडकर की प्रतिमा भी क्षतिग्रस्त कर दी। मौके पर पहुंचे एडीएम और एसपी देहात के समक्ष महिलाओं ने आक्रोश प्रकट किया। अधिकारियों ने हमलावरों के विरुद्ध कार्रवई का आश्वासन देकर महिलाओं को शांत किया। 

पुलिस को विरोध झेलना पड़ा 
पुलिस को दलितों का विरोध झेलना पड़ा। दलित समाज के लोगों का कहना था कि बुधवार रात छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों को पुलिस रात में ही कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लेती तो उनके साथ यह घटना नहीं घटती। दलितों ने पर पुलिस पर ठाकुर समाज के दबाव में कार्रवाई नहीं करने का भी आरोप लगाया। दलितों में घटना को लेकर भय व्याप्त है। उनका कहना है कि गांव भूपखेड़ी ठाकुर बहुल गांव है। आसपास के गांवों में ठाकुर समाज के लोगों की संख्या अधिक है। अब ठाकुर समाज के लोग उन्हें गांव में नहीं रहने देंगे। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर दलितों को शांत किया। 

अस्पताल में हंगामा  
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खतौली में ठाकुर समाज के लोग उनके पक्ष से घायल तन्नु, संदीप, आकाश व गौरव की डॉक्टरी कराने पहुंचे। रतनपुरी पुलिस भी साथ आई थी। पुलिस ने खतौली अस्पताल में डॉक्टरी कराने से इंकार कर दिया। पुलिस का कहना था कि वे घायलों की डॉक्टरी बुढ़ाना के अस्पताल में कराएंगे। इसी बात को लेकर ठाकुर समाज के लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। इस दौरान पुलिस के साथ भी नोंकझोक हुई। हंगामे की सूचना पर सीओ बुढ़ाना हरिराम यादव अस्पताल पहुंचे। सीओ ने घायलों की डॉक्टरी करवाई। 

गांव में पूर्व में भी सात माह तैनात रही पीएसी   
रतनपुरी का गांव भूपखेड़ी ठाकुर बहुल गांव है। पूर्व में भी ठाकुर समाज के लोगों ने नाई को दलित समाज के लोगों के बाल काटने से मना कर दिया था। नाई को धमकी देने पर उसने अपनी गांव की दुकान में ताला डाल दिया था। जिसको लेकर दलित और ठाकुर समाज के लोगों में तनातनी हो गई थी। पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों की तनातनी को देखते हुए गांव में पीएसी बल तैनात कर दिया था। करीब सात महीने तक गांव में पीएसी तैनात रही थी। 

ककरौली में दो पक्षों में संघर्ष, छह लोग घायल 
मोरना के गांव ककरौली में एक ही समुदाय के दो पक्षों में जमकर संघर्ष हुआ। पथराव होने से गांव में अफरातफरी मच गई। हमले में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। गांव में तनाव के मद्देनजर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। 

गांव ककरौली में बुधवार शाम परवेज पुत्र शकील झोझा मदरसा के प्रांगण में कुर्सी डालकर बैठा था। मुजम्मिल पुत्र शमशाद, मोनू पुत्र इस्तियाक, सोनू, मोनू पुत्रगण शमीम मदरसे में आए। इन लोगों ने परवेज से मदरसा में बैठने का कारण पूछा तो परवेज ने बताया कि वह मौलाना से मिलने आया है। परवेज ने उक्त चारों से मदरसे में आने की वजह जानी तो उन्होंने बताया कि वे बोतलों में मदरसे के आरओ मशीन से पानी लेने आए हैं। परवेज ने इसका विरोध करते हुए इस मशीन के प्रयोग को मदरसे के भीतरी व्यक्तियों के इस्तेमाल करने की बात कही। जिसको लेकर इन लोगों में मारपीट हो गई। 

सूचना पर पहुंची पुलिस ने परवेज पक्ष की तहरीर लेकर आपस में समझौता कराने का भी प्रयास किया था। बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे इस मामले को लेकर शकील के घर पर पंचायत हो रही थी। जिसमें पीड़ित पक्ष ने फैसला करने से इंकार कर दिया। तभी मदरसे के सामने मुजम्मिल, मोनू, सोनू आदि ने पथराव करना शुरू कर दिया। हमले में शमशीर पुत्र सद्दीक, शाह आलम पुत्र शमीम, नवाब पुत्र मौहसन, मुनीर पुत्र जमील, अहसान पुत्र रफीक, शमीम पुत्र सगीर गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर बमुश्किल मामला शांत कराया। गांव में दोनों पक्षों के बीच तनातनी बनी हुई है। 
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