भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर के साथ खड़ी आरोपी युवती।
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हनी ट्रैप का जाल बिछाने वाली युवती की एलएलबी की डिग्री को लेकर जिले के कालेज भी जांच के रडार पर आ गए हैं। युवती की प्रारंभिक से लेकर पीजी शिक्षा तक जनपद के कालेजों से बताई गई है। इसको लेकर पुलिस उसकी डिग्री की तफ्तीश के लिए कालेजों की भी कुंडली खंगाल रही है।
गुजरात के सांसद केसी पटेल को हनी ट्रैप के जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने के आरोप में पकड़ी गई युवती के जनपद के होने से खलबली मची है। युवती कद्दावर नेताओं, सियासी लोगों का शिकार करने से पहले खुद का परिचय सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता के रूप में देती थी। दिल्ली पुलिस की पूछताछ में युवती ने खुद को बीए, एमए, इंग्लिश, राजनीतिक विज्ञान के साथ एलएलबी और एलएलएम करना बताया है। यह सभी डिग्री मुजफ्फरनगर से करने का जिक्र किया है।
युवती की डिग्री फर्जी होने के संदेह से अधिकारियों ने इंकार नहीं किया है। अन्य जांच-पड़ताल के साथ ही डिग्री की भी जांच की जा रही है। आरोपी युवती की डिग्री को लेकर शहरभर के कॉलेज पुलिस के रडार पर आ गए हैं। जिले में करीब 50 से अधिक सेल्फ फाइनेंस और एडेड कॉलेज ऐसे हैं, जो लॉ की पढ़ाई कराते हैं। दिल्ली पुलिस ने युवती के गांव और घर की तलाशी से उसके शैक्षिक प्रमाण-पत्रों को भी कब्जे में लिया है। एक कमरे से जो प्रमाण मिले हैं,
उनके युवती के बसेड़ा के गर्ल्स जैन कालेज की तस्वीर बरामद हुई है, जिसमें आरोपी युवती शिक्षिकाओं और कक्षा की सहपाठियों के साथ फोटो हैं। शैक्षिक प्रमाण-पत्रों के फर्जी और असली होने की जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने स्थानीय प्रशासन को तमाम चीजों से अवगत कराने के साथ ही सहयोग मांगा है। दिल्ली पुलिस के साथ स्थानीय पुलिस टीम दोपहर से लेकर शाम तक युवती के बताए ठिकानों पर सबूत जुटाने में लगी रही।