सुबह के 11 बज रहे थे, बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाश, तीनों के हाथों में असलहे, पलक झपकते एक के बाद एक सात फायर, ...निशाने पर आए शख्स का काम तमाम। बेखौफ बदमाशों ने कुछ ऐसे ही प्रोफेशनल सुपारी किलर स्टाइल में रेत-बजरी कारोबारी 43 वर्षीय आदेश बालियान को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया। मंगलवार को बालावाला हनुमान मंदिर के समीप अचानक घटी इस घटना के खौफ से जड़ हुए लोग जब तक कुछ समझ पाते, इससे पहले तीनों बदमाश मौका-ए-वारदात से पलक झपकते कहां हवा हो गए, कोई समझ नहीं पाया।
वारदात की पृष्ठभूमि में पैसों के लेनदेन में दोस्त से दुश्मन बनने की कहानी सामने आई है। मकतूल के बड़े बेटे शुभम बालियान की तहरीर पर बालावाला थाने में बागपत निवासी कारोबारी सचिन तोमर और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या मुकदमा दर्ज किया गया है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मकतूल की जिंदगी को पर्तें खोलकर पुलिस कातिलों तक पहुंचने की कोशिश में जुट गई है। चूंकि मामला नामजद है, इसलिए पुलिस की पेशानी का बल भी वारदात के कुछ देर बाद ही उतर गया।
पुलिस के मुताबिक मौत का निवाला बने आदेश, मूलत: मुजफ्फरनगर के सोरन गोड़ा थाना शाहपुर के रहने वाले थे। यहां वह बालावाला में भवन निर्माण सामग्री और गिट्टी सप्लाई का कारोबार करते थे। इसके लिए उन्होंने बालावाला में स्थानीय निवासी लाभ डोगरा से एक प्लाट किराए पर लेकर यहीं से सप्लाई का काम करते थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मंगलवार को भी आदेश रेत उतरवाने के लिए प्लाट की ओर गए।
सुबह करीब 10 बजे अपनी एसयूवी, सड़क (गुल्लरघाटी रोड) पर ही खड़ी कर वे प्लाट की ओर बढ़े, तभी बाइक पर सवार तीन लोग वहां से गुजरे। उस वक्त सुबह के 10: 53 बज रहे होंगे। शायद वे शिकार की टोह लेने आए थे। आदेश की प्लाट पर मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद कुछ ही क्षण में बाइक सवार, मुख्य सड़क पर बाइक खड़ी कर पीछे के रास्ते से प्लाट पर पहुंचे। जब तक आदेश कु छ समझ पाते उन्हें निशाने पर लेकर दो हमलावरों ने पिस्टल और तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी।
आदेश कटे पेड़ की तरह वहीं धाराशायी हो गए तो तीसरे हमलावर ने आदेश के सीने में बेहद नजदीक से कुछ और गोलियां उतार दी। इस दौरान शांत बालावाला इलाका गोलियों की आवाज से थर्रा गया। मुतमईन होते ही कि काम तमाम हुआ, हमलावर जिधर से आए थे, पलट पड़े। इसी बीच आवाज सुन कुछ दूरी पर स्थित अपनी दुकान में मौजूद आदेश के दोस्त दिनेश बालियान मौके पर पहुंचे तो बदमाशों ने जान से मारने की घुड़की देकर उन्हें ठंडा कर दिया।
बदमाशों के जाने के बाद दिनेश, खून से लतपथ पड़े आदेश को लेकर दून अस्पताल भागे। लेकिन, वहां डॉक्टरों ने आदेश को मृत घोषित कर दिया। बकौल पुलिस मौका-ए-वारदात से से 12 बोर का एक कारतूस और 9 एमएम, 38 और 315 बोर के सात खोखे बरामद किए गए हैं। गोलियों का गणित और शरीर पर सात घाव पुष्टि कर रहे हैं कि आदेश के शरीर में पेवस्त हमलावरों की सात गोलियों ने उनकी जान ली। ।
उधारी को लेकर था विवाद
करीब 15 दिन पहले आदेश ने एसएसपी देहरादून निवेदिता कुकरेती से मिलकर सचिन तोमर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। दरअसल, बजरी सप्लाई की एवज में सचिन पर आदेश के 1 लाख 70 हजार रुपये उधार चले रहे थे। कई बाद तगादा करने के बाद भी सचिन ने रकम अदा नहीं की तो आईटी पार्क चौकी में पंचायत भी हुई।
यहां 1 लाख 20 हजार रुपये अदा करने के वायदे पर दोनों में समझौता हुआ था। इस सहमति के बाद भी सचिन ने उधार नहीं चुकाया तो आदेश ने उसका ट्रैक्टर बंधक बना लिया। इससे बौखलाए सचिन ने आदेश और उसके बेटे शुभम को जान से मारने की धमकी देनी शुरू दी। इस धमकी का नतीजा मंगलवार को इस खौफनाक वारदात के रूप में सामने आया।
करोड़ों का कारोबार संभालने के लिए छोड़ी टीचर की नौकरी
जानकारी के मुताबिक आदेश बिहार के एक डिग्री कालेज में टीचर थे। यहां कारोबार अच्छाखासा फैल जाने के बाद पिछले करीब दो सालों से वह ज्यादातर बालावाला और देहरादून में ही रहते थे। उन्होंने यहां भवन निर्माण सामग्री के जरिए उसने करोड़ों का कारोबार खड़ा कर लिया था। भतीजे विकास बालियान के मुताबिक आदेश टीचर की नौकरी से इस्तीफा देकर बड़े बेटे शुभम बालियान को धंधे में स्थापित करने में जुटे थे।
आदेश के छोटे भाई उदयवीर बालियान की तीन साल पहले शिमला जाते समय मार्ग दुर्घटना में मौत हो चुकी है। पुलिस महकमे से रिटायर हो चुके पिता गोपीचंद का भी निधन हो चुका है। आदेश बालियान के तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी शिवानी पुणे के एक नामी संस्थान से लॉ की पढ़ाई कर रही है। सबसे छोटा बेटा अभी पांचवीं में है। आदेश अपने परिवार के साथ राजेश्वर नगर, फेज-1 आईटी पार्क स्थित फ्लैट में रहते थे।
....सगा बन रहा है इसे भी ठोक ही दो
मुजफ्फरनगर के ही रहने वाले दिनेश बालियान का बालावाला में बालाजी ट्रेडर्स के नाम से भवन निर्माण सामग्री का फुटकर कारोबार है। दिनेश रेत, बजरी और गिट्टी आदेश बालियान से ही लेते थे। घटना के दौरान दिनेश भी अपनी दुकान पर ही थे। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनने के बाद वह भागकर प्लाट की ओर भागे, उस वक्त हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद लौट रहे थे। दिनेश भावावेश में कुछ बोला तो हमलावरों में से एक ने कहा- ‘इसी समय इसे भी ठोक दो...बहुत सगा बन रहा है’। इतना सुनते ही दिनेश अपनी दुकान की ओर भागे, जहां भीड़ जमा हो चुकी थी। इस बीच हमलावर फरार हो चुके थे।
सीसीटीवी में कैद हुआ वारदात का अहम हिस्सा
देहरादून। आदेश बालियान पर जानलेवा हमले की घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरेे में कै द हो गया है। पुलिस ने दो सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग अपने कब्जे में ले ली है। इनमें नकाबपोश हमलावर आते और वारदात को अंजाम देने के बाद जाते हुए दिख रहे हैं। दुकानदारों की कानूनी पचड़े में फंसने के डर ने फुटेज हासिल करने में काफी देर कर दी, वरना हुलिए के आधार पर पुलिस नाकेबंदी की असरदार कोशिश कर सकती थी। आसपास के दुकानदार काफी देर तक बिजली न होने के कारण सीसीटीवी न चलने का बहाना बनाते रहे। बाद में रिकार्डिंग खंगाली गई तो वारदात से जुड़े अहम फुटेज मिले हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर भी सुराग तलाश रही है।
सोरम में कोहराम, हत्या से ग्रामीण स्तब्ध
शाहपुर (मुजफ्फरनगर)। देहरादून में बिल्डिंग मैटीरियल सप्लायर आदेश बालियान की हत्या की सूचना जैसे ही पैतृक गांव सोरम पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। डेढ़ दशक पहले आदेश बालियान गांव छोड़ कर कारोबार के लिए उत्तराखंड की राजधानी दून में बस गया था।
सोरम निवासी आदेश बालियान की हत्या की खबर से गांव में हर कोई स्तब्ध रह गया है। फिलहाल वह अपनी पत्नी सीमा और तीन बच्चों के साथ देहरादून में रह कर बिल्डिंग मैटीरियल सप्लाई का काम करता था।
उसके पिता गोपीचंद की पहले ही मृत्यु हो चुकी है, जो पुलिस सेवा में थे। आदेश बिहार के सितारगंज जिले में एक कॉलेज में प्रोफेसर का दायित्व भी निभा चुके थे। बाद में उन्होंने कारोबार करने का फैसला लिया और सोरम लौट आए। 15 साल पहले उन्होंने दून का रुख किया। अचानक दून के बालावाला, रायपुर में उनकी हत्या की सूचना से सोरम गांव में शोक छा गया है। परिवार में कोहराम मचा है।
ग्रामीणों के मुताबिक आदेश बालियान की बेटी शिवानी कानून की छात्रा है, जबकि बड़ा बेटा शुभम बीपीएड और छोटा बेटा आर्यन कक्षा-आठ का छात्र है। चार साल पहले पंजाब में हुए सड़क हादसे में आदेश के छोटे भाई उदयवीर की भी मौत हो गई थी। भाई की पत्नी गीता अपने बच्चों और सास सत्यवती के साथ मेरठ में रह रही हैं। चचेरे भाई विपिन बालियान ने बताया कि आदेश जन्माष्टमी पर्व पर ही गांव आया था। देर रात तक उसका शव गांव पहुंचेगा।