पुरकाजी कस्बे की जनसमस्याओं को लेकर बुधवार को भाकियू के बैनर तले कस्बे के लोगों ने हाईवे पर थाने के निकट अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इस दौरान मौजूद लोगों ने प्रदर्शन कर जनसमस्याओं का समाधान करने की मांग की। रोडवेज अधिकारियों ने धरने पर पहुंचकर कुछ बसों को कस्बे के अंदर से गुजारे जाने का आश्वासन दिया। शाम को तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और सभी मांगों को मानने का आश्वासन दिया। जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
14 अप्रैल को भाकियू की तरफ से डीएम को एक पत्र भेजकर कस्बे की टूटी पड़ी पुलिया और रोडवेज बसों को कस्बे से निकालने आदि समस्याओं के समाधान की मांग थी। समस्याओं का समाधान नहीं होने पर बुधवार सवेरे भाकियू नेता जहीर फारूकी के आवास पर लोग जमा हो गए और नारेबाजी करते हुए धरनास्थल पर पहुंचे।
इस दौरान सभा का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने जिला प्रशासन पर कस्बेवासियों की समस्याओं को नजरअंदाज कर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। सभा में जहीर फारूकी ने नगर पंचायत अध्यक्षा पर हाईवे पर लगाई गई लाइटों सहित अन्य विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर जांच की मांग की।
इसी बीच हाईवे पर लगाई गई लाइटों को उतार रहे नगर पंचायत कर्मियों का भाकियू कार्यकर्ताओं ने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी को कब्जे में ले लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं को पता चला कि कर्मचारियों की पुलिस डॉक्टरी कराने की तैयारी कर रही है।
इस पर कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर हंगामा किया। पुलिस से भी नोकझोंक हुई। करीब तीन बजे धरनास्थल पर पहुंचे रोडवेज एआरएम बीपी अग्रवाल एवं रणजीत सिंह ने लोगों को सहारनपुर क्षेत्र के मुजफ्फरनगर, खतौली और सहारनपुर छुटमलपुर की बसों को कस्बे के अंदर से निकलने का लिखित आश्वासन दिया।
धरना देने वालों में भाकियू गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, ब्लाक अध्यक्ष संजय त्यागी, धीरज त्यागी, रियासत खलीफा, अफसर अली, अकील खान, अतीक खान, शंकरलाल गोयल, आलम सभासद, कामिल प्रधान आदि मौजूद रहे।