मुजफ्फरनगर। जिला अस्पताल में मारपीट के मामले में शनिवार को नाटकीय मोड़ आ गया। पिटाई के शिकार हड़ताल करने वाले डॉक्टरों ने पीठ दिखाई और भाजपाइयों के दबाव में समझौता कर लिया। इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने शहर कोतवाली में समझौते की कॉपी लहराकर सबको चौंका दिया।
फैसले का दावा करते हुए आरोपियों पर कार्रवाई नहीं करने की वकालत की। शहर कोतवाली में भाजपाइयों की शहर कोतवाल से नोकझोंक हुई। पुलिस ने समझौता मानने से इंकार कर दिया। बाद में पुलिस ने संगीन धाराओं में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चार आरोपियों का चालान कर दिया।
शुक्रवार को शाहपुर के गांव कुटबा में बवाल में घायल हुए अमित और विशाल को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। इसके बाद डॉक्टरों ने आरोप लगाया था कि घायल के साथ आए एक युवक ने रिवॉल्वर तानकर मारने की धमकी दी। इमरजेंसी स्टाफ से मारपीट की। डॉक्टरों के समर्थन में जिला अस्पताल कर्मचारियों ने अस्पताल का गेट बंद कर हड़ताल का ऐलान कर दिया था।
प्रशासनिक अफसरों की गाडिय़ों को गेट से वापस लौटा दिया गया। पुलिस को तहरीर देकर चार युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इस दौरान जमकर हंगामा काटा था। शनिवार को मामले में सुलह से लिए भाजपाई जिला अस्पताल पहुंचे।
डॉक्टरों के साथ बैठक कर बीच का रास्ता निकलाने की बात कही गई। इसके बाद पूर्व विधायक अशोक कंसल समेत बीजेपी कार्यकर्ताओं ने शहर कोतवाली में पहुंचकर लिखित में समझौते की कॉपी सार्वजनिक की। तहरीर देने वालों में शामिल डॉक्टरों के दस्तखत दिखाए। आरोपियों पर कार्रवाई की करने की तरफदारी करते हुए उन पर कार्रवाई नहीं करने की मांग की।
शहर कोतवाल से तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान पुलिस ने आरोपी रोहित, कपिल, रीनू, अंकित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इसमें आरोपियों पर डॉक्टरों पर मारपीट, जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस कार्रवाई में मेडिकल एक्ट का भी जिक्र किया गया है, जिसमें मारपीट के दौरान अन्य मरीजों का उपचार बाधित करने का आरोप है।
पुलिस का कहना है कि इसमें सीएमओ की रिपोर्ट मांगी जाएगी। शहर कोतवाल चमन सिंह चावड़ा ने कहा कि नवीन बंसल की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया है।