मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में छापामार कार्रवाई के बाद सख्ती शुरू हो गई है। नेताओं के सिफारिशी लेटरपैड पर होने वाली मिलाई पूरी तरह बंद कर दी गई है। दो दिनों में जेल के भीतर हुई चेकिंग के दौरान प्रतिबंधित सामान पकड़े जाने के बाद फजीहत झेल रहे अफसरों ने जेल के नियमों को कड़ा कर दिया है।
जेल में रविवार और सोमवार को चेकिंग के दौरान मिले फोन, चरस और अन्य सामान के मामले में कारागार प्रशासन ने जेल में नियमों में और सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इसमें सबसे पहले नेताओं के लेटरपैड पर होने वाली मिलाई को बंद कर दिया गया है। पिछले तीन दिनों से नेताओं की सिफारिशों पर मिलाई करने वालों को कारागार से मायूस होना पड़ रहा है।
जेलर सतीश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि बिना पर्ची के किसी की मिलाई नहीं करने दी जाएगी। लेटरपैड की मिलाई को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। प्रतिबंधित समान को लेकर कारागार से बाहर पीएसी और अंदर जेल का स्टाफ मिलाई वालों की तलाशी ले रहा है। कोई भी गलत सामान जेल के भीतर नहीं जाने दिया जा रहा है।
डीआईजी जेल वीके शेखर ने बताया कि कारागार के प्रकरण की रिपोर्ट उन्होंने लखनऊ मुख्यालय भेज दी है। जल्दी ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बाहर का खाना बंद होने से बंदी नाराज
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में बाहर का खाना ले जाने पर पाबंदी लगा देने से बंदियों ने हंगामा किया। शासन के आदेश पर कारागार के बाहर डेरा डाले हुए पीएसी मिलाई करने वालों की चेकिंग कर रही है। मिलाई के दौरान परिजनों को जेल के अंदर खाना नहीं ले जाने दिया जा रहा है।
जेल में बंद एक सपा नेता और पूर्व प्रधान ने जेल अधीक्षक के सामने रोष प्रकट करते हुए अपने खाने को पहले की तरह से मंगाने की मांग की है। मंगलवार शाम दोनों ने अपने कुछ समर्थकों को साथ लेकर खाना खाने से इंकार कर दिया। बाद में जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने दोनों से बात की। दोनों को समझाया और मामले के निस्तारण का वायदा किया है। जेल अधीक्षक ने बताया की मामले की जानकारी अधिकारियों को दे दी गई है।